सीजी भास्कर, 07 मई : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव (PWD Review Meeting) 7 और 8 मई को लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामकाज की सघन समीक्षा करेंगे। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित यह दो दिवसीय बैठक प्रदेश की अधोसंरचना और विकास कार्यों की भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दो दिनों का विस्तृत रोडमैप
उपमुख्यमंत्री ने बैठक (PWD Review Meeting) को दो चरणों में विभाजित किया है ताकि हर विभाग और परियोजना पर बारीकी से चर्चा हो सके। 7 मई की बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) की स्थिति, सेतु निर्माण (Bridges) और विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा के कार्यों की प्रगति खंगाली जाएगी। बैठक के दूसरे दिन प्रदेश के पांचों संभागों (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा) में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
मानसून से पहले का ‘डेडलाइन’ प्लान
यह बैठक (PWD Review Meeting) ऐसे समय में हो रही है जब मानसून आने में करीब डेढ़ महीने का समय शेष है। छत्तीसगढ़ में आमतौर पर 15 जून से 15 सितंबर तक वर्षा काल के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहते हैं। ऐसे में सरकार का जोर इस बात पर है कि स्वीकृत परियोजनाओं को बारिश शुरू होने से पहले एक निर्णायक स्थिति में पहुँचाया जा सके।
चुनौतियां और सुस्त रफ्तार पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कुछ प्रमुख मुद्दों पर कड़े निर्देश दिए जा सकते हैं। पिछले ढाई वर्षों में हजारों करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन तो हुआ, लेकिन धरातल पर काम की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं है। वैश्विक कारणों से डामर और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में उछाल आया है। इसके चलते कई ठेकेदारों ने टेंडर मिलने के बावजूद एग्रीमेंट नहीं किया है, जिससे प्रोजेक्ट्स अटके हुए हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव इस बैठक के माध्यम से अधिकारियों को आगामी 45 दिनों के लिए स्पष्ट लक्ष्य दे सकते हैं। अधोसंरचना विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकता को देखते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर सख्ती की गाज गिर सकती है।


