सीजी भास्कर, 07 मई : छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और संपत्ति (Chhattisgarh Revenue News) का मालिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाली अचल संपत्ति (जमीन, मकान, प्लॉट) की रजिस्ट्री पर लगने वाले पंजीयन शुल्क (Registration Fee) में 50 प्रतिशत की भारी छूट देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर लिए गए इस फैसले की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
4% की जगह मात्र 2% शुल्क
अधिसूचना के लागू होने के साथ ही अब महिलाओं (Chhattisgarh Revenue News) के पक्ष में होने वाली संपत्तियों के हस्तांतरण पर पंजीयन शुल्क की दरें आधी कर दी गई हैं। संपत्ति के बाजार मूल्य (Market Value) का 4 प्रतिशत पहले थो। अब नई रियायती दर महिलाओं के लिए यह मात्र 2 प्रतिशत होगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में प्रदेश में महिलाओं के नाम पर 82,755 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था। नई छूट लागू होने के बाद इस संख्या में और भी अधिक बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्व से बड़ा है महिलाओं का आत्म-सम्मान
इस निर्णय से राज्य सरकार को सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि, सरकार का मानना है कि राजस्व की तुलना में महिलाओं को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस छूट से परिवारों में महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने का रुझान बढ़ेगा, जिससे समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी और स्थिति मजबूत होगी।


