सीजी भास्कर, 07 मई : छत्तीसगढ़ की बेटियां अब न केवल स्कूल जा रही हैं, बल्कि उच्च शिक्षा (Chhattisgarh Education) की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। राज्य में सरस्वती साइकिल योजनाश् के प्रभावी क्रियान्वयन से उच्च माध्यमिक स्तर पर छात्राओं के नामांकन में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ अब इस मामले में 73.6 प्रतिशत के आंकड़े के साथ राष्ट्रीय औसत (58.2 प्रतिशत) को काफी पीछे छोड़ चुका है।
सरस्वती साइकिल योजना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने लड़कियों की शिक्षा (Chhattisgarh Education) को अपनी प्राथमिकता बनाया है। राज्य सरकार का मानना है कि इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका श्सरस्वती साइकिल योजनाश् की है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने 1.5 लाख साइकिलों के वितरण का जो लक्ष्य रखा था, वह अब पूर्णता की ओर है।
ड्रॉप-आउट पर लगाम
कक्षा 9वीं में प्रवेश लेते ही मुफ्त साइकिल मिलने से माध्यमिक स्तर के बाद स्कूल छोड़ने वाली छात्राओं की संख्या में भारी कमी आई है। दूरी की बाधा हुई खत्म, बढ़ा आत्मविश्वासविशेषज्ञों और शिक्षा विभाग के अनुसार, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल की दूरी बालिकाओं की शिक्षा में सबसे बड़ी रुकावट थी। साइकिल ने इस भौगोलिक बाधा को खत्म कर दिया है।
सुगम आवागमन
अब दूरदराज के गांवों की छात्राएं भी कई किलोमीटर दूर स्थित उच्च माध्यमिक स्कूलों तक आसानी से पहुंच रही हैं। साइकिल न केवल समय बचा रही है, बल्कि छात्राओं के स्कूल अटेंडेंस और आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय सुधार ला रही है।
एक दशक का सफर
आंकड़ों की जुबानी छत्तीसगढ़ में उच्च माध्यमिक शिक्षा (Chhattisgarh Education) के प्रति बढ़ता रुझान इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है विवरण वर्ष 2010-11 वर्तमान स्थिति (2026) छात्राओं की सकल नामांकन 33.5 प्रतिशत से बढकर वर्ष 2021-22 68.1 प्रतिशत रहा। छत्तीसगढ़ अब इस मामले में 73.6 प्रतिशत के आंकड़े के साथ राष्ट्रीय औसत 58.2 प्रतिशत को काफी पीछे छोड़ चुका है। उल्लेखनीय है कि इस योजना की शुरुआत वर्ष 2004-05 में तत्कालीन सरकार द्वारा की गई थी। बीच के कुछ वर्षों में इस योजना के बंद होने के बावजूद दिसंबर 2023 में साय सरकार के आते ही इसे पुनः प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिससे स्कूली बालिकाओं के स्कूल में नियमित उपथिति में बृद्धि हुई।
बेटियों के सपनों को मिली गति
मुख्यमंत्री का संकल्प हमारी प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां, विशेषकर आदिवासी अंचलों की छात्राएं, शिक्षा के क्षेत्र में देश के किसी भी अन्य राज्य से पीछे न रहें। सरस्वती साइकिल योजना केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को गति देने का माध्यम है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह योजना एक वरदान साबित हुई है। छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही नीति और संवेदनशील नेतृत्व से सामाजिक बदलाव की नींव कितनी मजबूत रखी जा सकती है।


