सीजी भास्कर, 08 मई। अंबिकापुर के डबरीपानी इलाके में शुक्रवार सुबह अचानक भारी पुलिस बल और बुलडोजरों की आवाजाही शुरू (Bulldozer Action) हुई तो पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। कुछ ही देर में लोग घरों से बाहर निकल आए और देखते ही देखते प्रशासन की बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई। इलाके में लंबे समय से बने कच्चे और पक्के मकानों पर जब बुलडोजर चलना शुरू हुआ तो आसपास मौजूद लोगों के बीच बेचैनी बढ़ गई।
कार्रवाई के दौरान पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल गया था। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर लगातार निगरानी करते रहे। वहीं इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है और कई सवाल उठाए जाने लगे हैं।
20 मकानों पर चला बुलडोजर Bulldozer Action
डबरीपानी इलाके में वन भूमि पर बने 20 अवैध मकानों को प्रशासन ने ढहा दिया। जिला प्रशासन, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। मौके पर चार बुलडोजर लगाए गए थे।
लंबे समय से कब्जे की शिकायत
बताया गया कि इलाके में लंबे समय से बाहरी लोगों द्वारा वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाए गए थे। भाजपा नेता और पार्षद आलोक दुबे की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। इसके बाद कार्रवाई की तैयारी की गई।
नोटिस के बाद भी नहीं हटे कब्जे (Bulldozer Action)
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन तय समय तक अतिक्रमण नहीं हटाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।
कार्रवाई के दौरान भारी सुरक्षा
किसी भी विवाद या विरोध की आशंका को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों की मौजूदगी में एक एक कर सभी अवैध निर्माणों को हटाया गया।
सिंहदेव ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी सवाल उठाए (Bulldozer Action) हैं। उन्होंने कहा कि केवल गरीब और आम लोगों पर कार्रवाई करना सही नहीं है। साथ ही उन लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन पर सरकारी जमीन बेचने के आरोप लग रहे हैं।
भू माफियाओं में बढ़ी बेचैनी
प्रशासन ने साफ कहा है कि सरकारी और वन भूमि पर किसी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के बाद इलाके में भू माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के बीच हड़कंप का माहौल बताया जा रहा है।


