सीजी भास्कर, 10 मई। टाटा समूह की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया एक बार फिर कर्मचारियों से जुड़े फैसलों को लेकर चर्चा (Air India) में आ गई है। कंपनी के भीतर अनुशासन और खर्चों को लेकर चल रही सख्ती अब खुलकर सामने आने लगी है। हाल ही में हुई एक आंतरिक बैठक में कर्मचारियों को कई अहम जानकारियां दी गईं, जिसके बाद एयरलाइन सेक्टर में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के मामलों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। इसके साथ ही आर्थिक दबावों के चलते कई खर्चों में कटौती की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
तीन साल में 1000 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई : Air India
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में बताया कि पिछले तीन साल के दौरान 1000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया है। बताया गया कि इन कर्मचारियों पर नैतिकता और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोप थे। कंपनी का कहना है कि हर साल कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
सामान तस्करी जैसे मामलों का जिक्र
सूत्रों के मुताबिक बैठक में ऐसे मामलों का भी जिक्र किया गया, जहां कुछ कर्मचारियों पर फ्लाइट से सामान की तस्करी कराने और तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने की अनुमति देने के आरोप लगे। कंपनी ने कर्मचारियों से साफ कहा कि नियमों और आचरण को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवकाश यात्रा योजना में भी गड़बड़ी
कंपनी ने कर्मचारी अवकाश यात्रा प्रणाली के दुरुपयोग को लेकर भी चिंता (Air India) जताई। बताया गया कि जांच में हजारों कर्मचारियों से जुड़े अनियमित मामलों की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कंपनी की ओर से जुर्माना और अन्य सुधारात्मक कदम भी उठाए गए हैं।
इस साल नहीं बढ़ेगी सैलरी
वित्तीय दबावों के बीच एयर इंडिया ने इस साल कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का फैसला किया है। कंपनी ने कर्मचारियों को गैर जरूरी खर्चों में कटौती करने की सलाह भी दी है। बताया जा रहा है कि एयरलाइन फिलहाल लागत कम करने पर फोकस कर रही है।
पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी चिंता
एयर इंडिया के सीईओ ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी रहती है तो कंपनी के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से विमान ईंधन महंगा हो गया है, जिससे एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है।
घाटे का अनुमान भी बढ़ा
जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को चालू वित्त वर्ष में भारी घाटे का अनुमान (Air India) है। एयरलाइन सेक्टर में बढ़ते खर्च और अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।


