सीजी भास्कर, 11 मई । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और खाड़ी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल, गैस और सोने के इस्तेमाल में संयम बरतने की अपील के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की ये अपीलें उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं। (Rahul Gandhi attacks the central government)
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना : Rahul Gandhi attacks the central government
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता से सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने देश को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है, जहां लोगों को यह बताया जा रहा है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं।
राहुल गांधी ने कहा कि हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है ताकि सरकार जवाबदेही से बच सके। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि देश चलाना अब “Compromised PM” के बस की बात नहीं रह गई है।
पीएम मोदी ने क्या की थी अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से ऊर्जा और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वैश्विक हालात और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी है। (Rahul Gandhi attacks the central government)
प्रधानमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो और रेलवे के अधिक उपयोग की सलाह दी थी। साथ ही वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को फिर से अपनाने की बात भी कही थी। विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करने के लिए उन्होंने अगले एक साल तक सोने की खरीद टालने की भी अपील की थी।
खाड़ी संकट और महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में लगातार बिगड़ते हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इससे भारत जैसे आयात आधारित देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो पेट्रोल-डीजल, गैस और जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ऊर्जा बचत और संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दे रही है।

