सीजी भास्कर, 13 मई। रायपुर में बुधवार को मुख्यमंत्री के काफिले को लेकर अचानक नई चर्चा (Fuel Saving) शुरू हो गई। सरकारी दफ्तरों से लेकर
राजनीतिक गलियारों तक लोग इस फैसले को अलग नजरिए से देख रहे हैं। कई लोगों ने इसे बदलते समय की जरूरत बताया तो कुछ ने इसे सरकारी खर्च और संसाधनों को बचाने की दिशा में बड़ा संकेत माना। मुख्यमंत्री के नए फैसले के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री के बयान के बाद आम लोगों के बीच भी ईंधन बचत और वाहनों के सीमित उपयोग को लेकर चर्चा बढ़ी। खासकर बढ़ती महंगाई और वैश्विक हालात के बीच इस फैसले को सीधे जनता से जोड़कर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस पहल को लेकर प्रतिक्रिया देते नजर आए।
मुख्यमंत्री ने घटाईं काफिले की गाड़ियां : Fuel Saving
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने काफिले में चलने वाली गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। अब पहले की तुलना में कम वाहन ही उनके आधिकारिक दौरे में शामिल होंगे। बताया गया कि काफिले में 13 की जगह अब केवल 8 गाड़ियां रहेंगी।
प्रधानमंत्री की अपील का दिखा असर (Fuel Saving)
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में पेट्रोल और डीजल जैसे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना जरूरी हो गया है।
मंत्रियों और अधिकारियों से भी आग्रह
मुख्यमंत्री ने केवल अपने काफिले तक ही बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने मंत्रियों और निगम मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की है।
अब काफिले में शामिल होंगी बिजली से चलने वाली गाड़ियां
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बिजली से चलने वाले वाहनों में बदला जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू करने की बात कही गई है।
जनता से भी की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करने की अपील (Fuel Saving) की है। साथ ही कार पूलिंग अपनाने और बिना जरूरत निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है।
ऊर्जा संकट और पर्यावरण का हवाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में बढ़ते ऊर्जा संकट और
पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए अब हर व्यक्ति को जिम्मेदारी निभानी होगी। उनका कहना है कि छोटे छोटे बदलाव भी बड़े असर छोड़ सकते हैं।