सीजी भास्कर, 15 मई। बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भिलाई नगर निगम के एक डिप्टी कमिश्नर को ड्रेसकोड और समय पर पेश नहीं होने को लेकर कोर्ट की तीखी नाराजगी का सामना करना पड़ा। कोर्ट ने अफसर के पहनावे और कार्यशैली पर सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि हाईकोर्ट में किस तरह उपस्थित होना चाहिए। (Corporation officials reached the High Court forgetting the dress code)
नियत समय पर पेश नहीं होने पर कोर्ट सख्त : Corporation officials reached the High Court forgetting the dress code
मामला भिलाई नगर निगम से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि निगम कमिश्नर जरूरी कारणों से उपस्थित नहीं हो सके, इसलिए उनकी जगह डिप्टी कमिश्नर कोर्ट में पेश हुए हैं।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि लगातार सूचना दिए जाने के बावजूद अधिकारी तय समय पर अदालत में उपस्थित क्यों नहीं हुए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मामला अफसरों की वजह से लंबित हो रहा है और अदालत का समय भी बर्बाद हो रहा है।
“जैसा मन किया वैसे चले आए” – कोर्ट की तीखी नाराजगी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अधिकारी से उनकी पहचान पूछी। अधिकारी ने खुद को भिलाई नगर निगम का डिप्टी कमिश्नर बताया। इसके बाद कोर्ट ने उनके ड्रेसकोड पर सवाल उठाते हुए कहा—
“आपको हाईकोर्ट में किस तरह आना है, इसका भी पता नहीं है क्या? यही आपका ड्रेसकोड है, जैसा मन किया वैसे चले आए।” (Corporation officials reached the High Court forgetting the dress code)
कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अदालत कक्ष में कुछ देर गंभीर माहौल बना रहा।
अधिकारी से भर्ती प्रक्रिया तक पूछ डाली
कोर्ट ने आगे अधिकारी से पूछा कि वे सीएमओ हैं या डिप्टी कमिश्नर। जवाब मिलने पर कोर्ट ने यह भी पूछा कि वे प्रमोटी अधिकारी हैं या डायरेक्ट भर्ती से चयनित हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि वे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।



