सीजी भास्कर, 15 मई : राजनांदगांव जिले के सेवा सहकारी समिति मोहारा में धान गबन और अवैध परिवहन (Paddy Scam Mohara) का बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासनिक जांच में 30 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक अनियमितता उजागर होने के बाद केंद्र प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर और एक अनधिकृत खरीददार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले के सामने आने के बाद सहकारी समिति प्रबंधन और धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार अवैध धान परिवहन (Paddy Scam Mohara) की सूचना मिलने पर सहायक खाद्य अधिकारी द्रोण कामड़े, तहसीलदार डोंगरगढ़ अमीय श्रीवास्तव और अतिरिक्त तहसीलदार सोनित मेरिया की संयुक्त टीम ने मोहारा धान उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान केंद्र प्रभारी संतोष वर्मा मौके से अनुपस्थित पाए गए, जिससे अधिकारियों को संदेह हुआ। इसी दौरान टीम ने वाहन क्रमांक सीजी 08 एल 1049 को पकड़ा, जिसमें धान लोड था।
वाहन चालक सुंदरलाल साहू से पूछताछ में पता चला कि वह ग्राम खैरी निवासी राजू वर्मा के निर्देश पर धान परिवहन कर रहा था। चालक ने बताया कि धान समिति से बिना किसी वैध दस्तावेज के लोड किया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने समिति के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का मिलान कराया, जिसमें बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पाया गया कि खरीदे गए कुल धान में से 995.68 क्विंटल धान को कम परिदान दिखाकर ‘सूखत’ के रूप में दर्ज किया गया था। आरोप है कि इसी धान को बचाकर अवैध तरीके से बाहर बेचा जा रहा था।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि समिति के जिम्मेदार कर्मचारियों ने निजी लाभ के उद्देश्य से कस्टम मिलिंग नीति 2025-26 का उल्लंघन किया। इस पूरे मामले से शासन को 30 लाख 86 हजार 608 रुपए की आर्थिक क्षति पहुंची है। अधिकारियों के अनुसार धान खरीदी और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों में भी गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं।
मामले की हो रही जांच (Paddy Scam Mohara)
जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रभारी धान उपार्जन केंद्र मोहारा संतोष वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर वेद प्रकाश साहू और ग्राम खैरी निवासी राजू वर्मा के खिलाफ संबंधित थाने में मामला दर्ज कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
धान खरीदी में सामने आए इस गबन ने सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब जिले के अन्य धान उपार्जन केंद्रों की भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।



