सीजी भास्कर, 16 मई। खैरागढ़ जिले के गंडई छुईखदान मुख्य मार्ग पर शुक्रवार शाम अचानक अफरा तफरी का माहौल (Road Accident) बन गया। सड़क किनारे मौजूद लोगों ने जोरदार आवाज सुनी तो आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। वहां एक गाय गंभीर हालत में ट्रक के नीचे फंसी हुई दिखाई दी। घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में गुस्सा बढ़ने लगा। कई लोग चालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौके पर ही विरोध जताने लगे।
हादसे के बाद सड़क पर कुछ देर तक तनाव जैसे हालात बने रहे। स्थानीय लोगों का कहना था कि भारी वाहन तेज रफ्तार में लगातार इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई।
नर्मदा के पास हुआ हादसा : Road Accident
जानकारी के अनुसार गंडई छुईखदान मुख्य मार्ग पर नर्मदा के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर जा रही गाय को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि गाय ट्रक के नीचे फंस गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक में सरकारी शराब लदी हुई थी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने चालक पर नशे की हालत में वाहन चलाने का आरोप लगाया। इसी बात को लेकर लोगों में नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई।
चालक पर लगे गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में भारी वाहन बिना नियंत्रण के तेज गति से चलाए (Road Accident) जा रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसे वाहनों की वजह से आम लोगों और मवेशियों की जान खतरे में पड़ रही है। घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भी लोगों ने नाराजगी जताई और सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।
पुलिस ने दी सफाई
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल गाय को ट्रक के नीचे से निकालने की कोशिश की। थाना प्रभारी राजेश देवदास ने बताया कि चालक का ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट (Road Accident) किया गया था। पुलिस के मुताबिक जांच में चालक के शरीर में 12 mg/100 ml अल्कोहल पाया गया, जो तय कानूनी सीमा से कम है। इसी वजह से चालक पर नशे में वाहन चलाने का मामला दर्ज नहीं किया गया।
लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज
पुलिस ने बताया कि चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं स्थानीय लोग अब इस मार्ग पर सख्त निगरानी और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।



