सीजी भास्कर, 16 मई : मई की झुलसाती गर्मी में जहां लोग पेड़ों की छांव और ठंडी हवा की तलाश में भटकते नजर आते हैं, वहीं राजनांदगांव शहर के पेण्ड्री स्थित शासकीय उद्यान रोपणी (Pendri Nursery) में कदम रखते ही मौसम का मिजाज बदला-बदला सा महसूस होता है। रंग-बिरंगे फूलों से सजी क्यारियां, फलों से लदे वृक्ष और हरियाली से आच्छादित परिसर यहां आने वाले हर व्यक्ति को सुकून और ताजगी का एहसास कराते हैं।

ग्रीष्म ऋतु के बावजूद पेण्ड्री की यह बगिया इन दिनों पूरी तरह खिली हुई है। गुलाब, गंधराज, हरसिंगार, चंपा और बोगनविलिया की महक से वातावरण सुवासित है। वहीं आम्रपाली, लंगड़ा, दशहरी, चौसा और बाम्बेग्रीन जैसी आम की प्रजातियों से लदे पेड़ उद्यान की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। यह बगिया पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आधुनिक कृषि तकनीक का बना केंद्र
पेण्ड्री की यह रोपणी (Pendri Nursery) केवल सुंदरता का केंद्र नहीं है, बल्कि आधुनिक उद्यानिकी और उन्नत कृषि तकनीक का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है। यहां स्थापित विशेष शाक-भाजी उत्पादन इकाई किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। जापानी पद्धति पर आधारित इस इकाई में तापमान, नमी और प्रकाश को नियंत्रित कर पौधे तैयार किए जाते हैं, जिससे कम समय में बेहतर गुणवत्ता वाले अंकुरित पौधे मिलते हैं। इन दिनों इकाई में विशेष उन्नत मिर्च की पौध तैयार की जा रही है। किसान स्वयं अपने बीज यहां देकर थरहा तैयार करवा रहे हैं। सरकारी मद से इकाई के जीर्णोद्धार के बाद यहां फिर से बड़े पैमाने पर किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो क्षेत्र में आधुनिक कृषि पद्धतियों के विकास के लिए एक आवश्यक कदम है।

मिट्टी के बिना तैयार हो रहे रोगमुक्त पौधे Pendri Nursery
इस आधुनिक तकनीक की खासियत यह है कि इसमें मिट्टी का उपयोग नहीं होता। नारियल बुरादा और अन्य विशेष माध्यमों से पौधे तैयार किए जाते हैं। मशीनी विधि से बीजों का अंकुरण किया जाता है, जिससे पौधे रोगमुक्त और एक समान वृद्धि वाले बनते हैं। टमाटर, बैंगन, पत्ता गोभी, फूलगोभी, खीरा, करेला, लौकी और कद्दू जैसी सब्जियों की पौध यहां तैयार की जा रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इस पद्धति से तैयार पौधों की खेत में जीवित रहने की क्षमता अधिक होती है और फसल जल्दी तैयार होती है। यही कारण है कि अब किसान इस आधुनिक तकनीक की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जो ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

फलदार और सजावटी पौधों की बड़ी श्रृंखला
पेण्ड्री (Pendri Nursery) की समृद्ध नर्सरी में फलदार, छायादार और सजावटी पौधों की बड़ी श्रृंखला उपलब्ध है। यहां आम, अमरूद, संतरा, आंवला, लीची, अनार, पपीता, नारियल, चीकू और मुनगा जैसे पौधों के साथ अशोक, सिल्वर ओक, कदम और पीपल जैसे वृक्ष भी मिलते हैं। वहीं जरबेरा, रजनीगंधा, कनेर और मनीप्लांट जैसे सजावटी पौधे लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। पेण्ड्री की यह बगिया केवल हरियाली का ठिकाना नहीं, बल्कि किसानों के लिए आधुनिक खेती की प्रयोगशाला बन गई है, जिससे कृषि के क्षेत्र में बड़ा तकनीकी बदलाव आ रहा है।



