सीजी भास्कर, 15 मई। शहर की सब्जी मंडियों में इन दिनों सबसे ज्यादा भीड़ टमाटर की दुकानों पर दिखाई (Tomato Price) दे रही है। लोग दाम सुनकर एक दूसरे से चर्चा कर रहे हैं और दुकानदार भी हर दिन बदलते भाव से परेशान नजर आ रहे हैं। कई घरों में अब सब्जी बनाते समय टमाटर कम इस्तेमाल करने की बात होने लगी है।
सुबह से बाजारों में यही सवाल सुनाई दे रहा है कि आखिर कुछ ही दिनों में टमाटर इतना महंगा कैसे हो गया। ग्राहक थैला लेकर मंडी पहुंच रहे हैं लेकिन कीमत देखकर कई लोग आधी खरीदारी करके लौट रहे हैं। रसोई का हिसाब फिर बिगड़ने लगा है और गृहिणियां खर्च संभालने में मुश्किल महसूस कर रही हैं।
कुछ दिनों में तेजी से बढ़े भाव : Tomato Price
देश के कई हिस्सों में टमाटर की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। पिछले 10 से 15 दिनों के भीतर दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। कई बाजारों में अच्छी क्वालिटी वाला टमाटर 100 रुपये किलो तक बिकने लगा है। इससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते एक महीने में खुदरा कीमतों में 25 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। ऑल इंडिया औसत खुदरा मूल्य 36 रुपये किलो से बढ़कर 46 रुपये किलो तक पहुंच गया है। चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई जहां दाम 112 प्रतिशत तक ऊपर चले गए। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी कीमतों में 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी सामने आई है।
बारिश ने बिगाड़ा पूरा गणित
अचानक बढ़ी महंगाई के पीछे सबसे बड़ा कारण ज्यादा बारिश को बताया जा रहा है। अक्टूबर में कई राज्यों में हुई तेज बारिश से टमाटर की फसल खराब हो गई। खेतों में नुकसान बढ़ने से बाजार तक माल कम पहुंच पाया और सप्लाई पर सीधा असर पड़ा।
महाराष्ट्र जैसे बड़े सप्लाई राज्यों में थोक कीमतों में करीब 45 प्रतिशत तक उछाल (Tomato Price) आ गया है। वहीं दिल्ली के थोक बाजारों में भी दाम करीब 26 प्रतिशत बढ़ गए हैं। सप्लाई कमजोर होने की वजह से खुदरा बाजारों में भी कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं।
आधी रह गई ट्रकों की आवक
व्यापारियों का कहना है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले ट्रकों की संख्या पहले के मुकाबले काफी घट गई है। मंडियों में माल कम पहुंचने से दुकानदारों को महंगे दाम पर खरीदारी करनी पड़ रही है। कारोबारियों के मुताबिक शादी विवाह का मौसम शुरू होने और साल के आखिर में बढ़ती मांग की वजह से भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। बाजार में खपत बढ़ रही है जबकि सप्लाई पहले से कमजोर चल रही है।
पहले राहत मिली थी, अब फिर बढ़ी परेशानी
कुछ समय पहले तक आलू, प्याज और टमाटर की सस्ती कीमतों से खुदरा महंगाई दर नीचे (Tomato Price) आ गई थी। उस दौरान टमाटर की कीमतों में करीब 42.9 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज हुई थी। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और टमाटर फिर लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है।





