सीजी भास्कर, 03 अगस्त। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (Hemchand Yadav University) में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय की दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से 1 लाख 49 हजार 384 रुपये के कथित गबन के आरोप में मोहन नगर पुलिस ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें : Analog Paneer : एनालॉग पनीर पर सरकार की सख्ती, होटल और रेस्टोरेंट को तुरंत बंद करनी होगी खरीद बिक्री

जांच समिति की रिपोर्ट में खुली गड़बड़ी Hemchand Yadav University
मोहन नगर थाना प्रभारी के अनुसार, विश्वविद्यालय की अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे ने वेतन में अनियमितता की शिकायत की थी। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति ने बैंक अभिलेखों और डिजिटल लेनदेन की जांच की। जांच में सामने आया कि कर्मचारी के वेतन भुगतान में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी हुई है। समिति की रिपोर्ट, बैंक रिकॉर्ड और यूपीआई लेनदेन के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
यह भी पढ़ें : Police Verification : रायपुर में पुलिस की सरप्राइज चेकिंग, 600 लोगों का सत्यापन, कई संदिग्धों से पूछताछ
11,515 रुपये के वेतन में सिर्फ 2,200 रुपये दिए जाते थे
जांच में खुलासा हुआ कि कर्मचारी का मासिक वेतन 11,515 रुपये निर्धारित था, लेकिन उसे कथित रूप से केवल 2,200 रुपये ही दिए जाते थे। शेष राशि कर्मचारी से फोनपे और पेटीएम के माध्यम से उदय कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस का दावा है कि यह पूरा लेनदेन दबाव बनाकर कराया जाता था और कर्मचारी को इसका विरोध करने का अवसर नहीं दिया गया।
17 महीने में 1.49 लाख रुपये का कथित गबन
पुलिस के अनुसार, 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच इस तरीके से कुल 1 लाख 49 हजार 384 रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कराए गए। उस अवधि में आरोपी विश्वविद्यालय में कुलसचिव (Hemchand Yadav University) के पद पर कार्यरत था। उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
यह भी पढ़ें : Raipur Municipal Corporation : होटल में गंदगी मिलने पर निगम का एक्शन, महावीर थाली पर लगा 8 हजार रुपये का जुर्माना
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई ट्रांजेक्शन और विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट का मिलान किया गया। सभी साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस तरह की अनियमितता किसी अन्य कर्मचारी के साथ तो नहीं हुई और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।
आगे भी जारी रहेगी जांच
मोहन नगर पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य वित्तीय अनियमितताएं या अतिरिक्त आरोपी सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खबरें और भी हैं : Blackmail Case : ब्लैकमेल का खौफ दिखाकर परिवार से 14.50 लाख रुपये और 450 ग्राम सोना ऐंठा, चार आरोपी गिरफ्तार



