सीजी भास्कर, 04 जुलाई : कृषि विश्वविद्यालय हॉस्टल हादसा (IGKV Hostel Roof Collapse) ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की छात्रावास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार देर रात विश्वविद्यालय के एक हॉस्टल के कमरे की जर्जर छत का प्लास्टर अचानक गिर गया, जिससे कमरे में सो रहे चार छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में नीरज नामक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य तीन छात्रों को भी मामूली चोटें आई हैं।
रात 12 बजे हुआ हादसा, छात्र के सिर में लगे टांके
जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार रात करीब 12 बजे की है। छात्र अपने कमरे में सो रहे थे, तभी अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे में छात्र नीरज के सिर में गंभीर चोट आई। साथियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसके सिर में टांके लगाए गए। अन्य घायल छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
जर्जर भवनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
कृषि विश्वविद्यालय हॉस्टल हादसा (IGKV Hostel Roof Collapse) के बाद छात्रावास भवनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि हॉस्टल की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने आवश्यक मरम्मत नहीं कराई।
NSUI का जोरदार प्रदर्शन, कुलपति की गाड़ी के सामने लेटे कार्यकर्ता
हादसे के विरोध में शुक्रवार को एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति की गाड़ी के सामने लेटकर विरोध जताया और छात्रावासों की जर्जर स्थिति को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि—
- सभी हॉस्टल भवनों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए।
- जर्जर छात्रावासों की जल्द मरम्मत कराई जाए।
- छात्रों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना की जांच कराने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी तथा छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।



