सीजी भास्कर, 18 सितंबर : पीएफ पेंशन (PF Pension) को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दी है। यह फैसला 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। इससे 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के EPFO के अनिवार्य कवरेज में आने की उम्मीद है।
- 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हुई सीमा
- 51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को होगा फायदा
- 17 सितंबर से लागू हुआ फैसला
- आखिरी बार 2014 में बढ़ी थी सीमा
- सरकार पर कितना बढ़ेगा खर्च
- PF और Pension Coverage का दायरा बढ़ेगा
- कर्मचारियों की सैलरी पर क्या होगा असर
- 5 साल में 56,696 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान
- 25 हजार की नई सीमा से किसे मिलेगा लाभ
- सामाजिक सुरक्षा का दायरा होगा व्यापक
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15 हजार से बढ़कर 25 हजार हुई सीमा
अब EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन की सीमा (PF Pension) 25,000 रुपये होगी। इससे पहले यह सीमा 15,000 रुपये थी। सरकार के मुताबिक, वेतन सीमा में यह बदलाव बढ़ते वेतन स्तर और औपचारिक रोजगार के विस्तार को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
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51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को होगा फायदा
सरकार के मुताबिक नई व्यवस्था से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आ सकते हैं। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को EPFO की संबंधित योजनाओं के जरिए भविष्य निधि, पेंशन और बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
17 सितंबर से लागू हुआ फैसला
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई वेतन सीमा 17 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। कैबिनेट ने 16 सितंबर को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। श्रम मंत्रालय और EPFO इसके क्रियान्वयन के लिए जरूरी कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाएंगे।
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आखिरी बार 2014 में बढ़ी थी सीमा
EPFO की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा आखिरी बार सितंबर 2014 में बढ़ाई गई थी। उस समय इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह किया गया था। अब करीब 12 साल बाद इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया है।
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सरकार पर कितना बढ़ेगा खर्च
वेतन सीमा बढ़ाने से सरकार पर सालाना करीब 11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है। मौजूदा वार्षिक बजटीय सहायता करीब 10,250 करोड़ रुपये है। पांच साल में अनुमानित खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपये रहने की बात सरकारी आंकड़ों में कही गई है।
PF और Pension Coverage का दायरा बढ़ेगा
नई सीमा लागू होने के बाद ज्यादा कर्मचारियों को EPFO की अनिवार्य कवरेज मिलेगी। इससे कर्मचारियों को भविष्य निधि बचत के साथ पेंशन और बीमा से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने का दायरा बढ़ेगा।
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कर्मचारियों की सैलरी पर क्या होगा असर
वेतन सीमा बढ़ने का सीधा असर कर्मचारी की अतिरिक्त कटौती के रूप में होगा या नहीं, यह उसके वेतन ढांचे और EPFO योगदान की लागू व्यवस्था पर निर्भर करेगा। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी पर बिल्कुल कोई असर नहीं पड़ेगा। योगदान की गणना संबंधित नियमों के अनुसार होगी।
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5 साल में 56,696 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान
सरकार के अनुसार नई व्यवस्था पर पांच साल की अवधि में करीब 56,696 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि इससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को वैधानिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।
25 हजार की नई सीमा से किसे मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था का उद्देश्य उन कर्मचारियों को अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में लाना है, जो पहले 15,000 रुपये की सीमा से ऊपर होने के कारण अनिवार्य कवरेज से बाहर रह सकते थे। अब 25,000 रुपये तक की मासिक वेतन सीमा के कारण ऐसे कर्मचारियों का दायरा बढ़ेगा।
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सामाजिक सुरक्षा का दायरा होगा व्यापक
केंद्र सरकार के अनुसार EPFO की वेतन सीमा में बदलाव से अधिक कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा सुरक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसे सामाजिक सुरक्षा के दायरे के विस्तार से जुड़ा फैसला बताया है।
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