सीजी भास्कर 22 अप्रैल
कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय कार्यों में भारी लापरवाही और उदासीनता के आरोप में पटवारी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम तहसीलदार भैंसमा की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया।
जांच में यह सामने आया कि पटवारी ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए गंभीर अनियमितताएं कीं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। मुख्य आरोप ग्राम करूमौहा के राजस्व अभिलेखों में बड़े पैमाने पर की गई हेराफेरी से जुड़े हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, खसरा नंबर 176/1/ख/1 का वास्तविक रकबा 0.016 हेक्टेयर था, जिसे नियमों के खिलाफ बढ़ाकर 1.600 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया। इसी तरह, खसरा नंबर 84/4 ख का रकबा 0.710 हेक्टेयर से बढ़ाकर 71.000 हेक्टेयर तक दर्ज किया गया।
बिना आदेश पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़े
संशोधित आंकड़ों को बिना किसी वैध अनुमति के ऑनलाइन भुइयां पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया था। इस हेराफेरी से न केवल सरकारी अभिलेखों में त्रुटियां उत्पन्न हुईं, बल्कि भविष्य में भूमि विवाद और आर्थिक नुकसान की आशंका भी बढ़ गई।
कलेक्टर ने माना गंभीर लापरवाही
कलेक्टर ने इस मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत पटवारी को निलंबित करने की कार्रवाई की।
निलंबन अवधि के दौरान व्यवस्था
निलंबन के दौरान पटवारी दीपक कुमार सिंह का मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान तय किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व अभिलेखों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से जिले के अन्य राजस्व कर्मचारियों को भी सतर्क रहने का संदेश मिला है।
अधिकारियों के अनुसार, भू-अभिलेखों की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।


