सीजी भास्कर, 08 जून। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को अंबिकापुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और विकास कार्यों में समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता (OP Choudhary) दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ असम्मानजनक व्यवहार किया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता से जुड़े कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करें।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। इसके लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक संवाद और समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक विवाद बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए विवादों के संदर्भ में भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से बचना सभी की जिम्मेदारी है और अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों का सम्मान करना चाहिए।
अंबिकापुर प्रवास के दौरान वित्त मंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू किए गए ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का शुभारंभ (OP Choudhary) भी किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बुजुर्गों को सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
बैठक में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, कलेक्टर अजीत वसंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधूरे भवन निर्माण का मुद्दा भी उठा। वित्त मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य के लिए आवश्यक राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। अब संबंधित विभागों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे ताकि परियोजना जल्द पूरी हो सके और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं को जमीन पर उतारना और आम जनता को उसका लाभ (OP Choudhary) पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।



