सीजी भास्कर, 08 जून। बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर संजय अग्रवाल और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस संयंत्र का निरीक्षण किया। (Bilaspur Biogas Plant Inspection)
संयंत्र की कार्यप्रणाली का लिया जायजा : Bilaspur Biogas Plant Inspection
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता तथा जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं केवल स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह ग्रामीण आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम भी हैं।
गोबर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित एवं पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति से ही संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा और ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिलेगा।
जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा : Bilaspur Biogas Plant Inspection
अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र से उत्पादित गैस घरेलू ईंधन की जरूरतों को पूरा कर सकती है। वहीं संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए बेहद उपयोगी है। इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी।
तकनीकी व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संयंत्र की पाइपलाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि संयंत्र का संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट पर जोर : Bilaspur Biogas Plant Inspection
जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को संयंत्र की नियमित निगरानी करने और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के सफल संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और प्राकृतिक खेती को नई गति मिलेगी, जिससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य और मजबूत होगा।



