सीजी भास्कर, 16 मई। कबीरधाम जिले में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जल संरक्षण और पर्यावरण को लेकर गंभीर चर्चा देखने (Water Conservation) को मिली। राज्यपाल रमेन डेका ने अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए साफ कहा कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए केवल सरकारी योजनाएं काफी नहीं होंगी, बल्कि लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। बैठक में जल संकट और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।
अधिकारियों को निर्देश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है, इसलिए अभी से बड़े स्तर पर तैयारी की जरूरत है। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी मौजूद रहीं।
हर भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर : Water Conservation
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का ऐसा संसाधन है जिसे सही तरीके से सहेजकर भूजल स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पक्के मकानों और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण के जरिए वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने की बात कही।
पेड़ लगाने के साथ संरक्षण पर भी फोकस
बैठक में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। राज्यपाल ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बड़े स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ पौधे लगाना काफी नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। शहरी इलाकों में भी ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने पर जोर दिया गया।
आधुनिक खेती अपनाने की सलाह
राज्यपाल ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने (Water Conservation) पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जैविक खेती, ड्रिप इरिगेशन और हाइड्रोपोनिक्स जैसी नई पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ किसानों को प्रशिक्षण देने और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। राज्यपाल ने टीबी मरीजों के इलाज और पोषण आहार की व्यवस्था मजबूत करने को कहा। महिलाओं में स्तन कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप लगाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा मोतियाबिंद मरीजों के मुफ्त इलाज योजना का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।
योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
राज्यपाल ने पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों तक आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं समय पर पहुंचनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर जिले और विकासखंड की अलग पहचान बननी चाहिए और योजनाओं का असर सीधे लोगों के जीवन में दिखाई देना चाहिए।



