सीजी भास्कर, 16 मई। रायगढ़ जिले में चर्चित महिला वकील हत्याकांड को लेकर कई दिनों से चल रही चर्चाओं के बीच पुलिस ने बड़ा खुलासा (Lawyer Murder) किया है। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे जिले में इस घटना को लेकर लोगों के बीच काफी नाराजगी दिखाई दे रही है। खासतौर पर अधिवक्ता समुदाय में इस हत्या को लेकर लगातार विरोध और न्याय की मांग उठ रही थी। अब पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
पुलिस के अनुसार महिला वकील की हत्या किसी पुरानी रंजिश में नहीं बल्कि निजी संबंधों में चल रहे विवाद की वजह से हुई। आरोपी को सक्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
लंबे समय से थे प्रेम संबंध : Lawyer Murder
जांच में सामने आया है कि आरोपी लोकनाथ पटेल और मृतका के बीच लंबे समय (Lawyer Murder) से प्रेम संबंध थे। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसने यह बात अपनी प्रेमिका से छिपा रखी थी। कुछ समय पहले महिला वकील ने आरोपी की पत्नी की तस्वीर उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर देख ली थी। इसके बाद दोनों के बीच लगातार विवाद शुरू हो गया।
विवाद बढ़ने के बाद बनाई हत्या की योजना
पुलिस के मुताबिक महिला वकील आरोपी पर लगातार दबाव बना रही थी। आरोपी का कहना है कि वह आए दिन विवाद और प्रताड़ना से परेशान हो चुका था। इसी बीच उसने हत्या की योजना बनाई। आरोपी महिला वकील को एक दिन पहले सक्ती लेकर गया, जहां दोनों होटल में भी रुके थे। वहां उसने समझाने की कोशिश की, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
जंगल में ले जाकर की हत्या
अगले दिन आरोपी महिला वकील को तुमीडीह के जंगल की तरफ लेकर गया। पुलिस के अनुसार वहां पहले उसने गला दबाकर हत्या की और बाद में सिर पर पत्थर मारकर मौत (Lawyer Murder) सुनिश्चित की। आरोपी इलाके को अच्छी तरह जानता था क्योंकि वह पहले पास के कारखाने में काम कर चुका था। घटना के बाद उसने सबूत मिटाने की भी कोशिश की।
तकनीकी जांच से पहुंची पुलिस
पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को सक्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई डिजिटल और परिस्थितिजन्य सबूत भी जुटाए हैं।
अधिवक्ताओं में दिखा आक्रोश
इस हत्याकांड के बाद रायगढ़ में अधिवक्ताओं के बीच काफी नाराजगी देखने को मिली। शुक्रवार को जिला मुख्यालय में अधिवक्ताओं ने मौन जुलूस निकालकर महिला वकील को न्याय दिलाने की मांग की थी। इसके बाद अधिवक्ताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।



