सीजी भास्कर, 18 मई। रायपुर की सेजबहार हाउसिंग कॉलोनी में सामने आई गड़बड़ी ने प्रशासनिक हलकों में हलचल (Housing Scam) बढ़ा दी है। कॉलोनी में जांच के दौरान जो जानकारी सामने आई, उसने लोगों को भी चौंका दिया। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से कुछ मकानों को लेकर चर्चा थी, लेकिन अब मामला खुलकर सामने आने लगा है।
जांच के दौरान कई ऐसे मकानों के नंबर सामने आए जिनका रिकॉर्ड में उल्लेख तो है, लेकिन मौके पर उनका कोई निशान नहीं मिला। इस खुलासे के बाद हाउसिंग बोर्ड की कार्यप्रणाली और निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
रिकॉर्ड में दर्ज मिले 104 मकान : Housing Scam
जानकारी के मुताबिक, दीनदयाल आवास योजना के तहत बनी इस कॉलोनी में कुल 1435 मकान दर्ज हैं। लेकिन जब जमीन पर जांच की गई तो कई मकानों की नंबरिंग बीच से गायब मिली। बताया जा रहा है कि 1288 नंबर के बाद कई मकानों की पूरी श्रृंखला मौके पर दिखाई ही नहीं दी। इनमें 1298 से 1309, 1310 से 1321, 1322 से 1333 और 1334 से 1345 तक के मकानों का कोई अस्तित्व नहीं मिला।
निर्माण प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
मामला सामने आने के बाद निर्माण और आवंटन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े (Housing Scam) हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कागजों में निर्माण दिखाकर भुगतान कर दिया गया। यह परियोजना वर्ष 2006 07 में शुरू हुई थी और कुछ साल बाद लोगों को मकानों का आवंटन भी किया गया था। योजना का उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराना बताया गया था।
नक्शे और निर्माण में भी दिखी गड़बड़ी
ग्राउंड जांच में यह भी सामने आया कि कुछ जगहों पर दो अलग अलग यूनिट को जोड़कर एक ही प्रवेश द्वार बना दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मूल नक्शे में इस तरह की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में निर्माण में बदलाव और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की आशंका
जानकारों का मानना है कि जिन 104 मकानों को लेकर सवाल (Housing Scam) उठ रहे हैं, उनकी लागत उस समय करोड़ों रुपये रही होगी। वर्तमान कीमत के हिसाब से यह राशि 20 से 30 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
जांच के बाद साफ होगी स्थिति
मामले के सामने आने के बाद अधिकारियों ने जांच की बात कही है। हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि स्वीकृत लेआउट और मौके पर हुए निर्माण का मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



