सीजी भास्कर, 19 मई। टेक दिग्गज Google का सबसे बड़ा एनुअल डेवलपर इवेंट Google I/O 2026 आज यानी 19 मई से कैलिफोर्निया के शोरलाइन एम्फीथिएटर में शुरू होने जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस इवेंट में कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, Android अपग्रेड और अपने फ्यूचर हार्डवेयर इकोसिस्टम से जुड़े कई बड़े ऐलान कर सकती है। (Google I/O 2026 begins today)
इवेंट के दौरान CEO Sundar Pichai मुख्य कीनोट में नई टेक्नोलॉजी और आने वाले फीचर्स की जानकारी देंगे।
Google I/O 2026 को ऐसे देखें लाइव : Google I/O 2026 begins today
गूगल इस इवेंट का लाइव प्रसारण अपने आधिकारिक YouTube चैनल और वेबसाइट पर करेगा। कंपनी के अनुसार, मुख्य कीनोट 19 मई को सुबह 10 बजे PT यानी भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे शुरू होगा। इवेंट में Android, Chrome, Google Cloud और AI प्लेटफॉर्म से जुड़े कई खास सेशन आयोजित किए जाएंगे।
Gemini AI में दिख सकते हैं बड़े बदलाव
इस बार Google I/O का सबसे बड़ा आकर्षण Gemini AI रहने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने AI मॉडल्स को पहले से ज्यादा स्मार्ट और एडवांस बना सकती है। नए AI असिस्टेंट्स यूजर्स के कठिन और मल्टी-स्टेप टास्क को आसानी से संभालने में सक्षम हो सकते हैं। इसके अलावा Gemini को कई ऐप्स और सर्विसेज़ में और गहराई से इंटीग्रेट किए जाने की उम्मीद है।
Android 17 के नए फीचर्स पर रहेगी नजर : Google I/O 2026 begins today
इवेंट के दौरान Android 17 को लेकर भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। माना जा रहा है कि नए अपडेट में बेहतर परफॉर्मेंस, स्मूथ मल्टीटास्किंग और AI-पावर्ड फीचर्स पर जोर दिया जाएगा। Google सीधे Android डिवाइसेज़ में AI टूल्स को इंटीग्रेट कर यूजर्स को स्मार्ट एक्सपीरियंस देने की तैयारी में है।
Android XR Glasses से उठ सकता है पर्दा
Google अपने मिक्स्ड रियलिटी प्लेटफॉर्म Android XR को भी इस इवेंट में बड़ा मंच दे सकता है। Gemini AI से लैस नए स्मार्ट ग्लासेज़ और ऑगमेंटेड रियलिटी एक्सपीरियंस से जुड़े फीचर्स पेश किए जाने की संभावना है। इससे Google का फोकस भविष्य की XR टेक्नोलॉजी पर साफ नजर आ रहा है।
Chrome ब्राउज़र में मिलेगा Gemini AI
रिपोर्ट्स के अनुसार, Google अपने Chrome ब्राउज़र में Gemini AI का और ज्यादा डीप इंटीग्रेशन ला सकता है। इसके जरिए यूजर्स को वेबसाइट समरी, ऑटोमैटिक फॉर्म फिलिंग और स्मार्ट ब्राउज़िंग जैसे AI फीचर्स मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि यह फीचर इंटरनेट ब्राउज़िंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदल सकता है।



