सीजी भास्कर, 20 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान ओस्लो (Helle Lyng) में हुई एक घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। प्रेस ब्रीफिंग खत्म होने के बाद अचानक पूछे गए एक सवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इसके बाद राजनीतिक समर्थकों, विदेशी मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर लगातार प्रतिक्रियाएं आने लगीं। पूरे मामले को लेकर इंटरनेट पर माहौल काफी गर्म दिखाई दे रहा है।
नॉर्वे की पत्रकार हेली लेंग का नाम अचानक चर्चा में आ गया। सवाल पूछने के कुछ घंटों बाद ही उनके सोशल मीडिया खातों के बंद होने और ऑनलाइन ट्रोलिंग की खबरों ने विवाद को और बढ़ा दिया। अब इस पूरे मामले को प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।
Primeminister of India, Narendra Modi, would not take my question, I was not expecting him to.
Norway has the number one spot on the World Press Freedom Index, India is at 157th, competing with Palestine, Emirates & Cuba.
It is our job to question the powers we cooperate… pic.twitter.com/vZHYZnAvev
— Helle Lyng (@HelleLyngSvends) May 18, 2026
प्रेस ब्रीफिंग में क्या हुआ : Helle Lyng
ओस्लो में भारत और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों की संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाहर निकल रहे थे तभी पत्रकार हेली लेंग ने जोर से सवाल पूछा। उन्होंने प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाते हुए भारत की रैंकिंग का जिक्र किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस पर तीखी बहस शुरू हो गई।
सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
सवाल पूछने के बाद पत्रकार हेली लेंग को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उनके पुराने लेख और चीन से जुड़े विषयों पर लिखी गई रिपोर्ट्स साझा करनी शुरू कर दीं। इसी बीच उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम खाते सस्पेंड होने की खबर भी सामने आई। हालांकि उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके खाते दोबारा शुरू हो जाएंगे।
विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से भी प्रतिक्रिया (Helle Lyng) दी गई। विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने अलग प्रेस वार्ता में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह समझे बिना इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने मानवाधिकार और मीडिया स्वतंत्रता को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया।
अचानक बढ़ी लोकप्रियता
इस विवाद के बाद हेली लेंग की सोशल मीडिया लोकप्रियता में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। एक्स पर उनके फॉलोअर्स की संख्या कुछ ही समय में काफी बढ़ गई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और इसे लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अब कूटनीतिक असर पर नजर
पूरे विवाद के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि सोशल मीडिया खाते बहाल होते हैं या नहीं। साथ ही इस घटना का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या असर पड़ेगा इस पर भी चर्चा जारी है। एक पक्ष इसे देश की छवि खराब करने की कोशिश बता रहा है जबकि दूसरा पक्ष इसे प्रेस स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है।



