सीजी भास्कर, 22 मई । कोरबा जिले के जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा में प्रशासनिक फेरबदल को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कोरबा द्वारा जारी आदेश के तहत वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जय प्रकाश डड़सेना को जिला पंचायत कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। वहीं उनके स्थान पर भूपेन्द्र कुमार सोनवानी को आगामी आदेश तक जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा का प्रभार सौंपा गया है। (Protest against removal of honest officer)
ईमानदार अधिकारी को हटाने का आरोप : Protest against removal of honest officer
जनपद उपाध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि जय प्रकाश डड़सेना एक ईमानदार और कर्मठ अधिकारी हैं। उनका क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और विकास कार्यों पर मजबूत पकड़ है। उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को गति मिली और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण बना रहा।जनप्रतिनिधियों का कहना है कि “सुशासन तिहार” जैसे महत्वपूर्ण अभियान के दौरान इस तरह का फैसला क्षेत्रीय विकास को प्रभावित करेगा।
‘सुशासन तिहार’ के बीच फैसले पर सवाल
जनपद उपाध्यक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार के तहत लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। यह अभियान 5 जून तक चलना है, लेकिन इसी बीच अचानक सीईओ को कोरबा अटैच कर दिया गया।उन्होंने कहा कि अधिकारी को क्षेत्र के गांवों, योजनाओं और विकास कार्यों की पूरी जानकारी थी, ऐसे में उन्हें हटाना जनहित के खिलाफ है।
जनप्रतिनिधियों ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार : Protest against removal of honest officer
प्रशासनिक आदेश के विरोध में जनपद अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने सुशासन तिहार कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। महिला जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि ने कहा कि सीईओ और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल था, जिससे विकास कार्य सुचारू रूप से चल रहे थे।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुराने सीईओ की वापसी नहीं हुई तो जनपद पंचायत कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी और कामकाज ठप कर दिया जाएगा।
उग्र आंदोलन की चेतावनी : Protest against removal of honest officer
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि पहले वे प्रभारी मंत्री, स्थानीय मंत्रियों और कलेक्टर के सामने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखेंगे।



