सीजी भास्कर, 22 मई : नवा रायपुर जंगल सफारी (Naya Raipur Jungle Safari) में सात महीने के जेब्रा शावक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शावक पिछले पांच दिनों से “कोलिक पेन” की गंभीर समस्या से जूझ रहा था और जंगल सफारी के डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी। गुरुवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जंगल सफारी प्रबंधन में चिंता का माहौल है। Naya Raipur Jungle Safari में लगातार वन्यजीवों की मौत के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं।
मौत के बाद शावक का पोस्टमार्टम कराया गया। जांच के लिए उसके कुछ अंगों के नमूने सुरक्षित रखकर फ्रीजर में संरक्षित किए गए हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शावक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
गुजरात के वनतारा प्रोजेक्ट से लाई गई थी जेब्रा की जोड़ी
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में नर और मादा जेब्रा की एक जोड़ी राधे कृष्णा टेम्पल एलिफेंट वेलफेयर ट्रस्ट से नवा रायपुर जंगल सफारी लाई गई थी। बाद में मादा जेब्रा ने इसी शावक को जन्म दिया था। यह शावक जंगल सफारी में आकर्षण का केंद्र बना हुआ था।
हालांकि 16 मई 2025 को नर जेब्रा की सांप के काटने से मौत हो गई थी। इसके बाद से शावक अपनी मां के साथ ही रह रहा था। अब शावक की मौत के बाद जंगल सफारी में केवल मादा जेब्रा ही बची है। Naya Raipur Jungle Safari में लगातार हुई इन घटनाओं ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जेब्रा सामाजिक स्वभाव के जानवर होते हैं और झुंड में रहना पसंद करते हैं। ऐसे में साथी और शावक दोनों को खोने के बाद मादा जेब्रा के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार वन्यजीवों की निगरानी और देखभाल को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।
संक्रमण और पेट दर्द की गंभीर समस्या से जूझ रहा था शावक
जंगल सफारी के डायरेक्टर तेजस शेखर ने बताया कि शावक “कोलिक पेन” की समस्या से पीड़ित था और डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई थी। पशु चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए विशेष निगरानी में रखा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। फिलहाल मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। अधिकारियों का कहना है कि Naya Raipur Jungle Safari में सभी वन्यजीवों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
क्या होता है ‘कोलिक पेन’
कोलिक पेन पेट दर्द से जुड़ी एक गंभीर समस्या होती है, जो खासतौर पर अश्व वंश के जानवरों जैसे जेब्रा, घोड़ा और खच्चर में देखने को मिलती है। बदलते मौसम के दौरान इन जानवरों में यह समस्या तेजी से बढ़ जाती है। पशु चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी सामान्य दिखने के बावजूद बेहद गंभीर हो सकती है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है।
तापमान में बढ़ोतरी, पानी की कमी, चारे में अचानक बदलाव और पशुओं की अनियमित देखभाल इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे जानवरों के खानपान और स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी बेहद जरूरी होती है।
2023 से अब तक 74 वन्य प्राणियों की मौत
नंदनवन जंगल सफारी में पिछले तीन वर्षों के दौरान वन्य प्राणियों की मौत को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जनवरी 2023 से जनवरी 2024 के बीच जंगल सफारी में 74 वन्य प्राणियों की मौत हुई थी। यह जानकारी विधानसभा में वन मंत्री के लिखित जवाब में सामने आई थी। लगातार बढ़ते मामलों के कारण Naya Raipur Jungle Safari की व्यवस्थाओं और वन्यजीव संरक्षण प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है।
320 हेक्टेयर में फैला है जंगल सफारी परिसर
नवा रायपुर के सेक्टर-39 में स्थित जंगल सफारी करीब 320 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां टाइगर सफारी, भालू सफारी, शाकाहारी वन्यप्राणी सफारी, क्रोकोडाइल सफारी और लॉयन सफारी विकसित किए गए हैं। इसके अलावा 130 एकड़ में फैला खंडवा जलाशय भी इस परिसर का हिस्सा है। यह जंगल सफारी भारत ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित जंगल सफारी में शामिल मानी जाती है।



