सीजी भास्कर, 22 मई : लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा केंद्र प्रवर्तित अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। योजना के अंतर्गत कक्षा पहली से दसवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को दी जाने वाली अस्वच्छ व्यवसाय छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। नई व्यवस्था लागू होने से पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो जाएगी। Scholarship Certificate Online व्यवस्था लागू होने से छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली को भी गति मिलेगी।
राजस्व विभाग और चिप्स के समन्वय से प्रणाली हुई लाइव
शिक्षा विभाग के अनुरोध पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार स्तर से ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी द्वारा इस नई डिजिटल प्रणाली का सॉफ्टवेयर तैयार कर उसे सफलतापूर्वक लाइव भी कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि Scholarship Certificate Online प्रणाली लागू होने से आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत भी होगी।
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब छात्रवृत्ति से संबंधित प्रमाण पत्रों का सत्यापन और जारी करने की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में होने वाली देरी कम होगी और आवेदन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी। प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित इस पहल से जरूरतमंद विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच सकेगा।
आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
अब छात्रवृत्ति के लिए प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को अन्य नागरिक सेवाओं की तरह ही सरल बना दिया गया है। जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र की तर्ज पर अब तहसील कार्यालयों और अनुविभागीय अधिकारी कार्यालयों में स्थित लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए आवेदन पत्र के साथ 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित प्रारूप में संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच अथवा नगरीय निकाय के पार्षद तथा क्षेत्र के पटवारी के हस्ताक्षरयुक्त अनुशंसा पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि Scholarship Certificate Online प्रक्रिया के तहत सभी दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी।
व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
प्रशासन द्वारा सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों तथा प्रधानपाठकों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए स्कूल स्तर पर विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि Scholarship Certificate Online व्यवस्था से विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति मिलने में सुविधा होगी और आवेदन प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी बनेगी।
सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से संचालित यह नई व्यवस्था शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक सुधार का महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, बल्कि छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।



