सीजी भास्कर, 22 मई : छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी हुई है। कई घरों में पहले की तुलना में दो से तीन गुना अधिक बिल आने का दावा किया जा रहा है। Chhattisgarh Electricity Bill Hike को लेकर कांग्रेस ने सरकार से स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
कांग्रेस का कहना है कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद आम लोगों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। पार्टी का आरोप है कि उपभोक्ताओं को वास्तविक बिजली खपत से कहीं अधिक बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे जनता में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
दीपक बैज ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल अचानक बढ़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं, जिसके कारण लोगों को तीन गुना तक ज्यादा बिल भरना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर फैसला लिया गया, उसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार को भी इस व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। Chhattisgarh Electricity Bill Hike को लेकर कांग्रेस अब इसे बड़ा जन मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने इस मामले में जल्द निर्णय नहीं लिया तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी। कांग्रेस गांव-गांव और शहरों में जाकर लोगों को जोड़कर व्यापक जन आंदोलन खड़ा करेगी।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि एक तरफ जनता महंगे बिजली बिल से परेशान है, वहीं दूसरी ओर अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहती है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
पहले बिजली सरप्लस राज्य था छत्तीसगढ़
कांग्रेस का कहना है कि पहले छत्तीसगढ़ को बिजली सरप्लस राज्य माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में बिजली दरें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि लो वोल्टेज और कटौती की समस्या भी बनी हुई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Chhattisgarh Electricity Bill Hike के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बढ़ती गर्मी के बीच बिजली कटौती और महंगे बिलों ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।
भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का भी लगाया आरोप
दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और लूट-खसोट का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने दावा किया कि केवल मंत्रिमंडल में बदलाव से हालात नहीं बदलने वाले हैं। कांग्रेस का कहना है कि आने वाले समय में जनता सरकार को जवाब देगी। Chhattisgarh Electricity Bill Hike को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर बनी हुई है।
सरकार की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार या बिजली विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि बिजली विभाग पहले भी यह कह चुका है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सटीक जानकारी देने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।
स्मार्ट मीटर और बढ़ी हुई बिजली दरों ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। कई घरों में बिजली बिल तीन गुना तक आ रहा है, जिसके खिलाफ देशभर में विरोध हो रहा है। उत्तर प्रदेश में जनता के भारी विरोध के बाद सरकार को स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला वापस लेना पड़ा। pic.twitter.com/tDKPWJgs3H
— Deepak Baij (@DeepakBaijINC) May 22, 2026



