सीजी भास्कर, 22 मई : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भीषण गर्मी के बीच हाथियों के विशाल दल का तालाब में नहाते हुए वीडियो सामने आया है। छाल रेंज के एडू परिसर में 52 हाथियों का दल विचरण करते देखा गया, जिसमें कई शावक भी शामिल थे। गर्मी से राहत पाने के लिए हाथी शाम के समय चीतापाली आमामुड़ा तालाब पहुंचे और लंबे समय तक पानी में डूबे रहे। Raigarh Elephant Video अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम हाथियों का यह बड़ा झुंड तालाब के पास पहुंचा। इसके बाद कई हाथी पानी पीने और नहाने के लिए तालाब में उतर गए। वीडियो में हाथी अपनी सूंड से पानी भरकर खुद पर डालते और पानी पीते दिखाई दे रहे हैं। कुछ हाथी पूरी तरह पानी में डूबकर गर्मी से राहत लेते नजर आए। ग्रामीणों ने जब यह नजारा देखा तो बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने लगे।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाथियों का यह दल कई घंटों तक तालाब के आसपास मौजूद रहा। शावक हाथियों को भी पानी में खेलते देखा गया। जंगल के बीच हाथियों का यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। Raigarh Elephant Video में हाथियों की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं, जिसे लोग सोशल मीडिया पर लगातार साझा कर रहे हैं।
जिले के जंगलों में 148 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार गुरुवार को जिले के जंगलों में कुल 148 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 141 हाथी विचरण कर रहे थे, जबकि रायगढ़ वन मंडल में 7 हाथी देखे गए। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इन झुंडों में 53 नर, 73 मादा और 22 शावक शामिल हैं।
सबसे बड़ा दल छाल रेंज के एडू परिसर में देखा गया, जहां 52 हाथियों का झुंड एक साथ मौजूद था। इसी दल का तालाब में नहाते हुए वीडियो सामने आया है। वन विभाग लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ हाथियों का जल स्रोतों की ओर रुख करना सामान्य व्यवहार है।
फसलों और कृषि उपकरणों को भी नुकसान
हाथियों के दल ने कई गांवों में किसानों की फसलों को नुकसान भी पहुंचाया है। धरमजयगढ़ क्षेत्र के क्रोंधा गांव में शंकर राठिया की फसल बर्बाद हो गई। वहीं कापू के छापरदांड गांव में शिवलाल, दिलीप, राजकुमार, छत्री उरांव और सबल उरांव की धान फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा बोरो क्षेत्र के बताती गांव में रामकुमार बैगा और सुमन बैगा की धान फसल, सोलर प्लेट और अन्य कृषि उपकरण भी हाथियों के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। रायगढ़ रेंज के चक्रधरपुर इलाके में भी बोरवेल और पौधों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ती हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग की टीम प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से हाथियों के नजदीक न जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। साथ ही नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। Raigarh Elephant Video के सामने आने के बाद जंगल क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



