सीजी भास्कर, 22 मई : गरियाबंद जिले में गुरुवार रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक तेंदुए ने 7 वर्षीय मासूम बच्चे पर हमला कर दिया। घटना जिला मुख्यालय के पास कोदोबतर के चट्टानपारा इलाके की बताई जा रही है। अचानक हुए इस हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया और बच्चे पर झपट पड़ा। Gariaband Leopard Attack की इस घटना ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है।
टीवी देखकर लौट रहे बच्चे पर अचानक झपटा तेंदुआ
जानकारी के अनुसार चट्टानपारा निवासी धनेश कुमार पड़ोस के घर में टीवी देखकर रात में वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसकी गर्दन जबड़े में दबोच ली। तेंदुआ बच्चे को जंगल की ओर घसीटने लगा, जिससे वह जोर-जोर से चीखने लगा।
बच्चे की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना डर के उन्होंने तेंदुए का सामना किया और किसी तरह बच्चे को उसके चंगुल से छुड़ाने में सफल रहे। ग्रामीणों की बहादुरी और त्वरित प्रतिक्रिया से बच्चे की जान बच गई। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Gariaband Leopard Attack के बाद लोग देर रात तक दहशत में रहे।
गंभीर हालत में रायपुर रेफर
तेंदुए के हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके गर्दन और शरीर पर गहरे जख्म पाए गए हैं। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने बच्चे को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया।
डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में किया जा रहा है। घटना के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। वहीं प्रशासन और वन विभाग की टीम भी मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
इलाके में बढ़ी तेंदुए की दहशत
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में अक्सर जंगली जानवर जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं। गरियाबंद मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में हर साल तेंदुओं की आवाजाही देखी जाती है, जिससे ग्रामीणों में लगातार डर बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। Gariaband Leopard Attack के बाद लोगों ने बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने का फैसला किया है।
वन विभाग अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग की टीम घटना के बाद इलाके में लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने और बच्चों पर विशेष नजर रखने की अपील की है। साथ ही जंगल किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी बढ़ने और जंगलों में पानी की कमी के कारण जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की है।



