सीजी भास्कर, 22 मई। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा नगर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपने आप को जीवित साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। पति की मौत के बाद सरकारी रिकॉर्ड में महिला को भी मृत घोषित कर दिया गया, जिसकी वजह से वह कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गई है। अब महिला अपनी तीन बेटियों के साथ आर्थिक संकट से जूझ रही है। (A living woman was declared dead on record)
चारामा नगर निवासी महिला हलीमा बानो ने बताया कि वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में उनके पति कादर खान की मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद से ही वह अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण मजदूरी कर किसी तरह कर रही हैं। हाल ही में राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना के लिए केवाईसी कराने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनका आधार कार्ड निष्क्रिय हो चुका है और सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।
बंद हो गया सरकारी योजनाओं का लाभ : A living woman was declared dead on record
महिला ने बताया कि दस्तावेजों में मृत घोषित होने के कारण महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली हर महीने की एक हजार रुपये की राशि बंद हो गई है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहा मकान भी अधूरा पड़ा है, क्योंकि योजना की किस्त नहीं मिल पा रही है।
खुद को जिंदा साबित करने महिला दफ्तरों के काट रही चक्कर
आर्थिक तंगी के कारण महिला वर्तमान में किराए के मकान में रहने को मजबूर है। हर महीने करीब तीन हजार रुपये किराया देना पड़ता है, जबकि तीन बच्चियों का पालन-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। महिला लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
कांकेर ने क्या कहा? : A living woman was declared dead on record
इधर मामले को लेकर कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले हमें इसकी जानकारी प्राप्त हुई है। संभवतः आगामी 15 दिनों के भीतर महिला की समस्या का निराकरण हो जाएगा।



