सीजी भास्कर, 23 मई : भिलाई के प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कारोबारी समूह ‘साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ साइबर ठगी (WhatsApp DP Scam) का एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा मामला सामने आया है। शातिर अपराधियों ने आधुनिक तकनीक और सामाजिक धोखाधड़ी का सहारा लेकर कंपनी को 20 लाख रुपये का चूना लगा दिया। आरोपितों ने बेहद शातिर ढंग से कंपनी के डायरेक्टर के पिता की फोटो और व्हाट्सएप डिस्प्ले पिक्चर (DP) का इस्तेमाल किया। इसके जरिए उन्होंने कंपनी के मुख्य अकाउंटेंट को अपने झांसे में लिया। अगले दिन अपराधियों द्वारा 48 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग किए जाने पर इस पूरी साजिश और ठगी का पर्दाफाश हुआ।
प्रार्थी यश बत्रा (27) ने पुलिस को बताया कि वे साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। कंपनी के दुर्ग, भिलाई, रायपुर और राजनांदगांव में बड़े शोरूम संचालित हैं। सभी शाखाओं के वित्तीय लेन-देन के लिए पिछले 13 वर्षों से मेष पटेल नामक अनुभवी अकाउंटेंट कार्यरत है। डायरेक्टरों और अकाउंटेंट के बीच भुगतान की अंतिम स्वीकृति के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp DP Scam) भी सक्रिय है। घटना के समय यश बत्रा के पिता श्रीचंद बत्रा ऑस्ट्रेलिया प्रवास पर गए हुए थे। इसी का फायदा उठाते हुए 21 मई 2026 को दोपहर करीब 3.21 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से अकाउंटेंट मेष पटेल के मोबाइल पर एक संदेश (मैसेज) आया। संदेश भेजने वाले नंबर पर श्रीचंद बत्रा की तस्वीर लगी हुई थी। अकाउंटेंट ने इसे अपने मालिक का वास्तविक निर्देश समझ लिया।
मैसेज में एक एचडीएफसी (HDFC) बैंक खाते में तत्काल रकम ट्रांसफर करने के कड़े निर्देश थे। पुष्टि की औपचारिकता के बाद अकाउंटेंट ने कंपनी के करंट एसबीआई (SBI) खाते से शाम करीब 4.55 बजे 20 लाख रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन 22 मई को उसी नंबर से फिर 48 लाख रुपये का मैसेज आने पर संदेह हुआ। यश बत्रा ने तत्काल ऑस्ट्रेलिया में पिता से बात की, तो उन्होंने किसी भी प्रकार के भुगतान की बात से साफ इनकार कर दिया।
ठगी (WhatsApp DP Scam) का अहसास होते ही कंपनी प्रबंधन ने फौरन केंद्रीय साइबर पुलिस पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके पश्चात सुपेला थाना पहुंचकर विधिवत लिखित आवेदन दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात मोबाइल नंबर तथा धोखाधड़ी में प्रयुक्त HDFC बैंक खाता क्रमांक 50200081897351 के धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस टीम बैंक स्टेटमेंट और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।



