सीजी भास्कर, 23 मई। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अंधविश्वास और लापरवाही के चलते 11 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। जहरीले सांप के काटने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने ले गए। इलाज में देरी होने से बच्चे की हालत बिगड़ती गई और अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। (11-year-old boy dies after snakebite)
सांप काटने के बाद 50 किलोमीटर दूर मंदिर ले गए : 11-year-old boy dies after snakebite
घटना डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम छिन्दगांव की है। जानकारी के मुताबिक 6वीं कक्षा का छात्र गीतेश ढीमर शुक्रवार सुबह घर की बाड़ी में ब्रश कर रहा था। इसी दौरान ड्रम के नीचे छिपे जहरीले सांप ने उसे काट लिया।
बच्चे ने परिजनों को घटना की जानकारी दी, लेकिन उसे घर से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय परिजन निजी वाहन से करीब 50 किलोमीटर दूर एक मंदिर में झाड़फूंक कराने ले गए। वहां कई घंटों तक झाड़फूंक चलती रही।
अस्पताल पहुंचने तक फैल चुका था जहर
जब बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तब परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार यदि समय रहते बच्चे को अस्पताल पहुंचाया जाता और एंटीवेनम इंजेक्शन दिया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने बताया कि परिजन बालोद जिला अस्पताल के सामने से गुजरने के बावजूद बच्चे को वहां नहीं ले गए। इलाज में हुई देरी के कारण जहर पूरे शरीर में फैल गया।
इकलौता बेटा था गीतेश, पुलिस ने की अपील : 11-year-old boy dies after snakebite
मृतक गीतेश बेहद गरीब परिवार से था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। परिवार में एक बड़ी बहन है और गीतेश घर का इकलौता बेटा था।
पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सांप या जहरीले जीव के काटने पर झाड़फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। अंधविश्वास के कारण कई बार लोगों की जान चली जाती है।



