रिपोर्टर – आशुतोष सिंह
सीजी भास्कर, 23 मई। गरियाबंद जिले में शुक्रवार को पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप (Ganja Smuggling) मच गया। देवभोग क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर घेराबंदी कर पुलिस ने बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ा, जिसके बाद आसपास के गांवों में दिनभर इसी कार्रवाई की चर्चा रही। पुलिस की सख्ती देखकर कई लोग मौके पर जमा हो गए और जब्त वाहनों को देखने के लिए भी भीड़ लगी रही।
बताया जा रहा है कि उड़ीसा की ओर से गांजा की बड़ी खेप जिले से गुजरने वाली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और देर रात तक कार्रवाई चलती रही। दो अलग अलग वाहनों से भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दो कार्रवाई में पकड़ी गई बड़ी खेप : Ganja Smuggling
देवभोग पुलिस ने दो अलग अलग कार्रवाई में कुल 156.06 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस के अनुसार जब्त मादक पदार्थ और वाहनों की कुल कीमत करीब 86 लाख 53 हजार रुपये आंकी गई है।
नीम के पेड़ से टकराई कार
पहली कार्रवाई ग्राम मुरलीगुड़ा डोंगरीपारा मार्ग में की गई। पुलिस ने सफेद रंग की एक कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक तेजी से वाहन भगाने लगा। कुछ दूरी पर कार अनियंत्रित होकर नीम के पेड़ से टकरा गई। इसके बाद पुलिस ने वाहन घेरकर आरोपियों को पकड़ लिया।
बोरियों में भरा मिला गांजा
वाहन की तलाशी लेने पर प्लास्टिक की बोरियों में करीब 80 किलोग्राम गांजा मिला। पुलिस ने बताया कि इसकी कीमत लगभग 40 लाख रुपये के आसपास है। आरोपियों को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया।
दूसरी कार से भी मिला गांजा
दूसरी कार्रवाई पुलिया के पास की गई, जहां पुलिस ने एक अन्य चारपहिया वाहन (Ganja Smuggling) को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से चार बोरियों में 76.06 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत करीब 38 लाख रुपये बताई गई है।
मध्यप्रदेश के आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मध्यप्रदेश के भोपाल निवासी राहुल राजपूत, संजय बामने, अनिकेत उर्फ अंकित पाल, साहिल खान और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा है। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने जारी रखी सख्ती
अधिकारियों ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया (Ganja Smuggling) जा रहा है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है।



