रिपोर्टर – साहिल राज लहरे
सीजी भास्कर, 20 मई। जांजगीर चांपा जिले के करही गांव में हुए चर्चित गोलीकांड के खुलासे के बाद इलाके में फिर हलचल तेज (Operation Hunt) हो गई है। करीब एक महीने से गांव में डर और चर्चा का माहौल बना हुआ था। पुलिस की लगातार दबिश और जांच के बीच आखिरकार इस अंधे कत्ल की परतें खुलनी शुरू हुईं। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गांव में लोग तरह तरह की बातें करते नजर आए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विशेष अभियान चलाकर इस पूरे मामले का खुलासा किया गया है। जांच में सामने आया कि पुरानी उधारी, कारोबारी प्रतिस्पर्धा और बढ़ते प्रभाव को लेकर आरोपियों के मन में नाराजगी थी। इसी रंजिश में हत्या की साजिश तैयार की गई।
घर में घुसकर की गई थी फायरिंग : Operation Hunt
घटना 23 और 24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात की बताई गई है। करही गांव में तीन नकाबपोश बदमाश घर के भीतर घुसे थे। आरोपियों ने आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। बीच बचाव करने पहुंचे छोटे भाई को भी गोली लगने से गंभीर चोट आई थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी करही गांव के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस अब अन्य सहयोगियों और मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी हुई है।
हथियार और बाइक बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। अधिकारियों का कहना है कि घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था।
सात राज्यों तक पहुंची जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ाया। गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू कश्मीर तक पुलिस टीमों ने दबिश दी। जांच के दौरान दो सौ से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और साइबर टीम लगातार तकनीकी जानकारी जुटाने में लगी रही।
ऐसे रची गई थी साजिश
पूछताछ में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से आर्थिक विवाद (Operation Hunt) चल रहा था। आरोपियों को आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और इलाके में बढ़ते प्रभाव से जलन थी। कारोबार में प्रतिस्पर्धा भी विवाद की बड़ी वजह बनी। इसी द्वेष के चलते हत्या की योजना बनाई गई।
वारदात से पहले तोड़ा गया कैमरा
पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात आरोपी पहले से घर के आसपास मौजूद थे। उनके कुछ साथियों ने पहले सीसीटीवी कैमरा तोड़ा। इसके बाद आरोपियों ने घर में घुसकर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और सीधे आयुष कश्यप के कमरे में पहुंच गए। वहां फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस टीम को मिला सम्मान
मामले के खुलासे के बाद पुलिस विभाग ने जांच टीम की सराहना की है। अधिकारियों ने बताया कि विशेष अभियान के तहत लगातार काम किया गया, जिसके बाद यह सफलता मिली। पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है।



