सीजी भास्कर, 23 मई। भोपाल के चर्चित हत्याकांड में शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद मामला फिर सुर्खियों (Twisha Case) में आ गया। कोर्ट परिसर से लेकर पुलिस दफ्तर तक पूरे दिन हलचल बनी रही। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को पुलिस रिमांड मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां मामले की कई कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं। वहीं दूसरी तरफ दोबारा पोस्टमार्टम की तैयारी ने भी इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
मामले को लेकर लोगों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है। पुलिस अब आने वाले सात दिनों में आरोपी से पूछताछ कर कई सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेगी। इस बीच दिल्ली से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंचने वाली है, जो शव का दोबारा परीक्षण करेगी।
सात दिन की पुलिस रिमांड : Twisha Case
कोर्ट ने मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय तक फरार रहा, इसलिए उससे गहन पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसियां अब उसके ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
दोबारा होगा पोस्टमार्टम
मामले में शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके लिए दिल्ली से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि टीम अपने साथ जरूरी उपकरण भी लेकर आएगी और रविवार को परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मां की जमानत पर भी नजर
मामले में आरोपी की मां और पूर्व न्यायिक अधिकारी की अग्रिम जमानत को लेकर भी सुनवाई होनी है। राज्य सरकार ने इस जमानत के खिलाफ याचिका लगाई है। अब इस पर अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
आरोपी को पनाह देने वालों पर जांच
पीड़ित पक्ष के वकीलों ने आरोप लगाया है कि आरोपी को फरार रहने के दौरान मदद और संरक्षण (Twisha Case) मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसे कहां ठहराया गया। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
कोर्ट परिसर में मचा था विवाद
आरोपी के सरेंडर के दौरान कोर्ट परिसर में भी काफी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। वकीलों के बीच धक्का मुक्की और बहस की बातें सामने आई हैं। मामले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी चर्चा पूरे दिन होती रही।
जांच को लेकर उठ रहे सवाल
पीड़ित पक्ष लगातार जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई (Twisha Case) जानी चाहिए। साथ ही कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।



