सीजी भास्कर, 19 मई। बिहार में दुर्लभ खनिजों को लेकर अचानक चर्चाएं तेज (Rare Minerals) हो गई हैं। खासकर जमुई जिले के सोनो इलाके का नाम सामने आने के बाद लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। खनिज सर्वेक्षण और संभावित भंडारों को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी गतिविधियां तेज बताई जा रही हैं। कई इलाकों में सर्वे टीमों की गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार चर्चा बनी हुई है।
राज्य सरकार का कहना है कि बिहार के अलग अलग हिस्सों में महत्वपूर्ण खनिज तत्वों के संकेत मिले हैं। इनमें सोना, कोबाल्ट, तांबा और अन्य दुर्लभ खनिज शामिल बताए जा रहे हैं। अब इन क्षेत्रों में आगे की प्रक्रिया और नीलामी की तैयारी शुरू की जा रही है।
जमुई में सोना मिलने के संकेत : Rare Minerals
खान और भू तत्व विभाग के मुताबिक जमुई जिले के सोनो क्षेत्र में सोने के भंडार होने के संकेत मिले हैं। वहां सर्वेक्षण का काम जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
14 ब्लॉक की होगी नीलामी
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने दुर्लभ खनिजों से जुड़े 14 ब्लॉक चिन्हित किए हैं। इन ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना जताई गई है।
कई जिलों में मिले खनिज संकेत
बांका जिले में कोबाल्ट और तांबे के भंडार मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं भागलपुर के बटेश्वरस्थान क्षेत्र में दुर्लभ मृदा तत्वों के संकेत मिले हैं। रोहतास और नवादा जिलों में भी खनिज संभावनाओं को लेकर काम चल रहा है।
आधुनिक तकनीक से हो रहा सर्वे
खनिज खोज के लिए हवाई सर्वेक्षण, उपग्रह चित्रण, पुराने आंकड़ों के विश्लेषण और जमीनी अध्ययन किए जा रहे हैं। खासतौर पर झारखंड सीमा से लगे दक्षिणी बिहार के इलाकों में जांच गतिविधियां तेज बताई जा रही हैं।
इन क्षेत्रों में होता है इस्तेमाल
दुर्लभ खनिज तत्वों का उपयोग रक्षा उपकरणों, लड़ाकू विमानों, मिसाइल, ड्रोन, मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक वाहन और कई आधुनिक तकनीकी उपकरणों में किया (Rare Minerals) जाता है। इसी वजह से इन खनिजों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
20 मई के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया
मिली जानकारी के मुताबिक 20 मई के बाद कुछ चिन्हित ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए खनन बोलियां भी आमंत्रित की गई हैं।



