सीजी भास्कर, 28 मई। कबीरधाम जिले में धान खरीदी को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज (Paddy Scam) हो गई है। जांच टीम की कार्रवाई के बाद सहकारी समितियों में हड़कंप जैसा माहौल देखा जा रहा है। इलाके में लोग लगातार यही चर्चा कर रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में धान का हिसाब कैसे गड़बड़ा गया। अब मामले में कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
खाद्य विभाग की जांच में करोड़ों रुपये के गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। शुरुआती जांच के बाद समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को शासन की धान खरीदी व्यवस्था से जुड़ी गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
दो विकासखंडों में सामने आया मामला : Paddy Scam
जानकारी के मुताबिक पंडरिया और लोहारा विकासखंड में धान खरीदी से जुड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। पंडरिया क्षेत्र की कामठी समिति में जांच के दौरान 3289 क्विंटल धान की फर्जी खरीदी और बिक्री सामने आई है। वहीं लोहारा विकासखंड के धरमगढ़ क्षेत्र में करीब 1200 क्विंटल धान की हेराफेरी की बात सामने आई है।
जांच में करोड़ों के गबन का खुलासा
जांच रिपोर्ट में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आने की जानकारी दी गई है। आरोप है कि प्रभारी प्रबंधक दयाराम पुसऊ, ऑपरेटर और अन्य लोगों ने मिलकर इस रकम का बंदरबांट किया। खाद्य विभाग ने इसे आर्थिक नुकसान पहुंचाने का मामला माना है।
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
खाद्य अधिकारी चंद्र शेखर देवांगन ने मामले को शासन की धान उपार्जन नीति का गंभीर उल्लंघन बताया है। उन्होंने समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषियों से रकम की वसूली की बात भी कही गई है।
कई लोगों की भूमिका जांच के घेरे में
मामले में सिर्फ समिति प्रबंधन ही नहीं बल्कि अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई (Paddy Scam) जा रही है। खाद्य विभाग अब पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और लेनदेन की जांच कर रहा है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जिले में धान खरीदी को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आती रही हैं। अब इस नए मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक निगरानी और जांच व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।




