सीजी भास्कर, 15 जुलाई। पूरी जिंदगी ईमानदारी से स्कूल प्राचार्य के रूप में सेवा देने वाले सेवानिवृत्त प्राचार्य राजेंद्र कुमार (मुंगेली ) आज अपने ही पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. सेवानिवृत्ति के दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक न तो पेंशन मिली है और न ही ग्रेच्युटी. लगातार विभागीय उदासीनता से परेशान सेवानिवृत्त प्राचार्य ने जल्द न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी है. (Retired principal pension issue)
- 2 साल से पेंशन के लिए भटक रहे सेवानिवृत्त प्राचार्य : Retired principal pension issue
- शिक्षा सचिव से लेकर मंत्री के OSD तक लगाई गुहार
- लोक आयोग का मामला सुलझा, फिर भी पेंशन अटकी
- CM हेल्पलाइन में भी नहीं मिला समाधान : Retired principal pension issue
- अनुसूचित जाति से होने के कारण अनदेखी का आरोप
- आत्महत्या की दी चेतावनी : Retired principal pension issue

2 साल से पेंशन के लिए भटक रहे सेवानिवृत्त प्राचार्य : Retired principal pension issue
राजेंद्र कुमार अंचल ने दस्तावेजों के साथ CG Bhaskar से अपनी पीड़ा साझा की. उन्होंने बताया कि वे 30 अप्रैल 2024 को बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, करमा से प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे. इसके बाद से वे पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें उनका वैधानिक लाभ नहीं मिल सका है.
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शिक्षा सचिव से लेकर मंत्री के OSD तक लगाई गुहार
पीड़ित रिटायर्ड प्राचार्य अंचल का कहना है कि उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर, लोक शिक्षण संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह और शिक्षा मंत्री के ओएसडी राहुल सिंह तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन कहीं से भी समाधान नहीं मिला.
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लोक आयोग का मामला सुलझा, फिर भी पेंशन अटकी
पीड़ित प्राचार्य के मुताबिक, विभागीय अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि लोक आयोग में लंबित शिकायत के कारण उनकी पेंशन प्रक्रिया रुकी हुई है. इसके बाद उन्होंने लोक आयोग में अपना पक्ष रखकर मामले का निराकरण भी करा लिया, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी विभाग ने पेंशन संबंधी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई.
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CM हेल्पलाइन में भी नहीं मिला समाधान : Retired principal pension issue
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद 18 जून 2026 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मुंगेली ने लिखित रूप से स्वीकार किया कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र का नहीं है और इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया गया है. इसके बावजूद पेंशन प्रकरण आज भी लंबित है.
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अनुसूचित जाति से होने के कारण अनदेखी का आरोप
राजेंद्र कुमार अंचल का आरोप है कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मामला होता तो उसका निराकरण इतने लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाता.
उनका कहना है कि लगातार उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता ने उन्हें गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं. जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी.
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आत्महत्या की दी चेतावनी : Retired principal pension issue
अंचल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी.
राजेंद्र कुमार अंचल ने मांग की है कि उनकी लंबित पेंशन और ग्रेच्युटी तत्काल जारी की जाए, विलंब के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
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