सीजी भास्कर, 07 जुलाई। रायगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग (Mental Harassment Case) की जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न और महिला अधिकारों से जुड़े 46 मामलों की सुनवाई की गई। आयोग ने कई मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए। सबसे प्रमुख मामले में एक शिक्षिका की शिकायत पर आयोग ने संबंधित प्राचार्य के स्थानांतरण की अनुशंसा की, जबकि गेल इंडिया से जुड़े प्रकरण में कंपनी के महाप्रबंधक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया।
मानसिक प्रताड़ना मामले में प्राचार्य के तबादले की अनुशंसा
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और संभाग प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में पुसौर विकासखंड के पड़ीगांव हाई स्कूल की एक शिक्षिका ने विद्यालय के प्राचार्य पर मानसिक प्रताड़ना, वेतन कटौती और अनावश्यक परेशान करने का आरोप लगाया।
शिक्षिका ने बताया कि तलाक के बाद उपनाम परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान भी प्राचार्य द्वारा लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही थीं। सुनवाई के बाद आयोग ने प्रथम दृष्टया शिकायत को सही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ को संबंधित प्राचार्य का 15 दिनों के भीतर दूसरे विकासखंड में स्थानांतरण करने की अनुशंसा की है।
गेल इंडिया को नोटिस, 9 जुलाई को रायपुर में पेश होने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान गेल इंडिया से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी जमीन के बीच से गैस पाइपलाइन बिछाने के कारण करीब 400 फीट गहरे स्थायी बोरवेल का उपयोग प्रभावित हो गया है, जिस पर लगभग 2.50 लाख रुपये खर्च हुए थे।
सुनवाई में संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद आयोग ने गेल इंडिया के महाप्रबंधक सुरेश बाबू को 9 जुलाई को रायपुर स्थित राज्य महिला आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। आयोग ने कंपनी को आवेदिका को 2.50 लाख रुपये का मुआवजा देने अथवा नया बोरवेल खुदवाने का निर्देश भी दिया है।
कई मामलों का मौके पर हुआ निराकरण
जनसुनवाई में घरघोड़ा विकासखंड के वार्ड क्रमांक-7 मेंड्रा में मितानिन की कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायत पर ग्राम पंचायत को नियमानुसार नई मितानिन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। भूमि रजिस्ट्री विवाद, थाने में कथित रूप से बैठाए जाने की शिकायत तथा वैवाहिक विवाद से जुड़े कई मामलों में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आयोग ने प्रकरणों का निराकरण कर दिया।
आवास उपलब्ध कराने के निर्देश
एक अन्य महिला ने आयोग को बताया कि उसका मकान तोड़ दिया गया है और तीन बच्चों के साथ उसके पास रहने की व्यवस्था नहीं है। इस पर आयोग ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को कलेक्टर से समन्वय कर नियमानुसार आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े प्रत्येक मामले का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा और जहां आवश्यकता होगी, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।



