सीजी भास्कर, 28 मई। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सोलर प्लांट परियोजना को लेकर भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ग्राम दीवान झिटिया में स्थापित हो रहे सोलर प्लांट में कथित भ्रष्टाचार, पेड़ों की अवैध कटाई और कृषि भूमि के नियमों के विपरीत डायवर्जन के विरोध में दिया गया है। (Rajnandgaon solar plant controversy)
कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम दीवान झिटिया में स्थापित किए जा रहे सोलर प्लांट में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर मिलीभगत कर फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का आरोप लगाया गया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर क्षेत्र के सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। साथ ही उपजाऊ कृषि भूमि को नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक उपयोग के लिए डायवर्जन में बदल दिया गया है।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी : Rajnandgaon solar plant controversy
कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक ओर पार्टी पर्यावरण संरक्षण और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर जिला कलेक्टर जितेंद्र यादव, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा और जिला संगठन अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत के समक्ष लिखित शिकायत की गई थी। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सामूहिक इस्तीफे का निर्णय
कार्रवाई नहीं होने से क्षुब्ध होकर कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसी स्थिति में पार्टी कार्यकर्ता के रूप में बने रहना अंतरात्मा के विरुद्ध है। इसी कारण उन्होंने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
116 कार्यकर्ताओं का सामूहिक इस्तीफा : Rajnandgaon solar plant controversy
पत्र के अंत में दर्जनों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने नाम और हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान लगाकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। सूची में कुल संख्या 116 तक दर्ज बताई गई है।




