सीजी भास्कर, 28 मई। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में महिला टीचर समेत 9 लोगों से करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को बैंक से होम लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। इस मामले में महिला टीचर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। (Fraud in the name of home loan)
आरोपी ने एक कंपनी बनाई और उसी के जरिए लोगों को होम लोन दिलाने का काम करने लगा। वह लोगों से कहता था कि जितना भी लोन मिलेगा, उसका 60 प्रतिशत पैसा कंपनी में जमा करना होगा। इसके बदले कंपनी हर महीने बैंक की पूरी किस्त खुद भर देगी।
वहीं, लोन लेने वाले को 40 प्रतिशत रकम मिल जाएगी और उसे खुद कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। इसके बाद वो लोन की राशि अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लेता और किस्त जमा नहीं करता।
इस तरह आरोपी अब तक नौ लोगों से कुल 3 करोड़ की ठगी कर चुका है। यह मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।
अब जानिए पूरा मामला : Fraud in the name of home loan
जानकारी के अनुसार, सरगवां की रहने वाली दिव्या एक्का ने 12 मई को गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। दिव्या राजपुर ब्लॉक में टीचर के पद पर हैं।
उन्होंने बताया कि जुलाई 2024 में जमीन खरीदकर घर बनाने के लिए उन्हें 15 लाख रुपए के लोन की जरूरत थी। इस बारे में उन्होंने अपने जीजा से बात की। जीजा ने उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताया, जो लोन दिलाने का काम करता था।
इसके बाद वह व्यक्ति दिव्या एक्का के घर पहुंचा और उसने अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप कंपनी के संचालक शिवशंकर दास, निवासी चंगोरी बरियों, जिला बलरामपुर के बारे में जानकारी दी।
री- किस्त जमा करने का झांसा देकर ठगी
शिवशंकर दास ने दिव्या एक्का से कहा कि वह बैंक से लोन दिलाने में मदद करेगा। उसने बताया कि जितना भी लोन मिलेगा, उसका 60 प्रतिशत पैसा कंपनी में जमा करना होगा। बदले में कंपनी हर महीने लोन की पूरी किस्त भरेगी। वहीं, लोन लेने वाले व्यक्ति को 40 प्रतिशत राशि मिलेगी और उसे खुद कोई पैसा जमा नहीं करना पड़ेगा।
शिवशंकर दास ने दिव्या एक्का का पैन कार्ड, आधार कार्ड, फॉर्म नंबर 16, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और अन्य आवश्यक दस्तावेज ले लिया। पीड़िता केवल बैंक ऑफ इंडिया के फार्म ही साइन करने गई थी। इसके अलावा वह कहीं नहीं गई थी।
शिवशंकर दास ने मनमाने ढंग से आईसीआईसीआई बैंक से 15 लाख रुपए, बैंक ऑफ इंडिया से 13.40 लाख रुपए और एचडीएफसी बैंक से 12.68 लाख रुपए का लोन मंजूर करवाया। इस तरह पीड़िता के खाते में कुल 41.08 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए।
इसके बाद शिवशंकर दास ने अलग-अलग खातों में कुल 28 लाख रुपए अपने पास ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद किस्त जमा नहीं किए। महिला टीचर ने इसकी शिकायत थाने में की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
तीन करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा : Fraud in the name of home loan
पुलिस ने शिवशंकर दास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वह किराए पर क्रशर चलाता था। कारोबार में नुकसान होने के बाद उसने अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप कंपनी बनाई।
आरोपी ने दिव्या एक्का के नाम पर 41.08 लाख रुपए का लोन मंजूर करवाया और उसमें से 28 लाख रुपए की ठगी कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 9 अन्य लोगों से भी करीब 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की है।
थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास (40 वर्ष) निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। आरोपी को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है।




