सीजी भास्कर, 29 मई। क्रिकेट मैदान पर विराट कोहली का आक्रामक अंदाज किसी से छिपा (Virat Kohli) नहीं है। जब मुकाबला ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ हो तो उनका जोश और भी अलग नजर आता है। इन दिनों एक पुराना किस्सा फिर चर्चा में है, जिसमें मैदान पर बढ़ते तनाव के बीच हालात ऐसे बन गए थे कि टीम के साथ मौजूद वरिष्ठ सदस्य को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा।
क्रिकेट प्रशंसकों के बीच इस घटना को लेकर फिर बातें हो रही हैं। एक बातचीत के दौरान सामने आई जानकारी ने उस दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी और मैदान पर दो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा था। उस समय का माहौल इतना गर्म था कि ड्रेसिंग रूम तक इसकी चर्चा पहुंच गई थी।
बॉर्डर गावस्कर श्रृंखला का पुराना किस्सा : Virat Kohli
यह घटना साल 2014 और 15 में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की है। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी और दोनों देशों के बीच टेस्ट मुकाबलों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही थी। इसी दौरान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई।
बताया गया कि मेलबर्न टेस्ट में बल्लेबाजी के लिए आए विराट कोहली को शुरुआती गेंदों में से एक गेंद सिर की ओर फेंकी गई। इसके बाद मैदान पर तनाव बढ़ गया और दोनों खिलाड़ियों के बीच लगातार शब्दों का आदान प्रदान होता रहा।
रवि शास्त्री ने सुनाया पूरा घटनाक्रम
एक बातचीत के दौरान रवि शास्त्री ने उस घटना को याद करते हुए बताया कि मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच माहौल काफी गरम था। मैदान पर कई मौकों पर दोनों आमने सामने दिखाई दिए और प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर पहुंच गई थी।
शास्त्री के अनुसार लंच ब्रेक के समय जब खिलाड़ी वापस ड्रेसिंग रूम की ओर लौट रहे थे, तब उन्होंने महसूस किया कि विराट कोहली बेहद गुस्से में हैं। हालात को देखते हुए उन्होंने तुरंत उन्हें अपने पास बुलाया और खेल पर ध्यान देने की सलाह दी।
बढ़ते तनाव के बीच संभाला मामला
रवि शास्त्री ने बताया कि उन्हें लगा था कि अगर उस समय बात आगे बढ़ी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसलिए उन्होंने विराट कोहली का ध्यान दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश की। बाद में दोनों इस घटना को याद कर मुस्कुरा भी पड़े, लेकिन उस वक्त माहौल काफी तनावपूर्ण था। उन्होंने कहा कि जब भी उस पल को याद करते हैं तो आज भी वह दृश्य आंखों के सामने ताजा हो जाता है।
श्रृंखला में विराट का शानदार प्रदर्शन
हालांकि टीम के नजरिए से वह दौरा ज्यादा सफल नहीं माना (Virat Kohli) गया, लेकिन विराट कोहली ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा था। चार टेस्ट मैचों की उस श्रृंखला में उन्होंने 692 रन बनाए थे। पूरे दौरे के दौरान उनका औसत 86.50 रहा और उन्होंने चार शानदार शतक भी जड़े। कठिन परिस्थितियों में खेली गई उनकी पारियां आज भी उस श्रृंखला की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती हैं।




