सीजी भास्कर, 29 मई। भारतीय रेलवे (Indian Railways) में सफर करने वाले यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ का एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल (Duronto Express Viral Video) हो रहा है, जिसमें ट्रेन का कैटरिंग स्टाफ शौचालय (Toilet) के अंदर कमोड के ठीक बगल में यात्रियों के भोजन के बर्तन धोते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। (IRCTC Duronto Express Video)
यह शर्मनाक घटना लोकमान्य तिलक टर्मिनस-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या- 12223) की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की स्वच्छता और हाइजीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में अब खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।
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यात्री ने रंगे हाथों पकड़ा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
ट्रेन में सफर कर रहे एक जागरूक यात्री ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि IRCTC का कर्मचारी शौचालय के फर्श पर बर्तन रखकर वहीं के पानी से उनकी सफाई कर रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने भी इस वीडियो को अपने ऑफिशियल एक्स (ट्विटर) हैंडल पर शेयर करते हुए रेल मंत्री से तीखे सवाल पूछे हैं और इसे यात्रियों की सेहत पर सीधा हमला बताया है।

FSSAI ने नियमों के उल्लंघन पर मांगा जवाब
इस वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने IRCTC को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FSSAI के मुताबिक, यह कृत्य ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रूल्स 2011’ के शेड्यूल 4 में तय स्वच्छता और हाइजीन के नियमों का सीधा उल्लंघन है। नियमानुसार, खाना बनाने, परोसने और बर्तन धोने के लिए पूरी तरह से बैक्टीरिया-मुक्त और स्वच्छ वातावरण होना अनिवार्य है।

IRCTC की सफाई: सर्विस प्रोवाइडर पर भारी जुर्माना, दोषी कर्मचारी बर्खास्त
इस पूरे विवाद और हंगामे के बाद IRCTC ने अपनी सफाई पेश की है। आईआरसीटीसी के आधिकारिक बयान के अनुसार:
यह घटना 24 मई 2026 की है, जिसकी जानकारी मिलते ही तत्काल सख्त कार्रवाई की गई थी।
संबंधित कैटरिंग सर्विस प्रोवाइडर (सेवा प्रदाता) पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
लापरवाही बरतने वाले आरोपी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा (बर्खास्त) दिया गया है।
हालांकि, IRCTC ने यह भी कहा कि उन्हें अभी तक FSSAI की तरफ से कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है, क्योंकि सभी मोबाइल कैटरिंग इकाइयां सीधे रेलवे अधिकारियों द्वारा जारी FSSAI लाइसेंस के तहत काम करती हैं। आईआरसीटीसी ने दोहराया कि यात्रियों की सेहत और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्वच्छता के मामले में ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाती है।




