सीजी भास्कर, 14 जुलाई : अखिल भारतीय परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य महासंघ (Traditional Medicine Conference) के तत्वावधान में 15 और 16 जुलाई को दुर्ग जिले के नगर पंचायत उतई स्थित मंगल भवन में दो दिवसीय गुरु-शिष्य परंपरा वनौषधि ज्ञान संगोष्ठी (Traditional Medicine Seminar) का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के वनौषधि वैद्य शामिल होकर अपने अनुभव साझा करेंगे। इस दौरान महासंघ के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित होगा।
सांसद विजय बघेल करेंगे शुभारंभ
सम्मेलन (Traditional Medicine Conference) का शुभारंभ 15 जुलाई को दुर्ग सांसद विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में होगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम भी विशेष रूप से शामिल होंगे। आयोजन में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के संरक्षण और संवर्धन पर चर्चा की जाएगी।
गुरु-शिष्य परंपरा को मिलेगा बढ़ावा
महासंघ के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वैद्य लक्ष्मण साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इस आयोजन का संकल्प लिया गया है। सम्मेलन का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से वनौषधि ज्ञान का संरक्षण, परंपरागत चिकित्सा पद्धति का प्रचार-प्रसार तथा नई पीढ़ी तक इस ज्ञान को पहुंचाना है।
वनौषधि संपदा के संरक्षण पर होगा मंथन
सम्मेलन में प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले वैद्य वनौषधि उपचार, औषधीय पौधों के संरक्षण, स्वदेशी औषधि निर्माण और जनकल्याण में पारंपरिक चिकित्सा की भूमिका पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने तथा रोगमुक्त भारत के निर्माण में वनौषधि के महत्व पर भी चर्चा होगी।
पदाधिकारियों का होगा शपथ ग्रहण
दो दिवसीय आयोजन के दौरान अखिल भारतीय परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य महासंघ के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया जाएगा। महासंघ ने अधिक से अधिक वैद्यों, शोधकर्ताओं और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े लोगों से सम्मेलन में भाग लेने की अपील की है।



