सीजी भास्कर, 14 जुलाई। रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के बी-ऑप्टोमेट्री (बैच 2020-24) के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को मुजगहन थाने पहुंचकर विश्वविद्यालय के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की। (Rawatpura University fraud allegations)
- छात्रों का दावा- हर छात्र से 6 लाख फीस ली गई : Rawatpura University fraud allegations
- नौकरी के लिए आवेदन में हो रही परेशानी
- काउंसिल की सूची में नाम नहीं : Rawatpura University fraud allegations
- NSUI का दावा- 5 बैच पासआउट, छठा बैच भी प्रभावित
- रजिस्ट्रार बोले- बाहर की घटना की जिम्मेदारी नहीं : Rawatpura University fraud allegations
उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता और रजिस्ट्रेशन मिलने का भरोसा देकर दाखिला कराया, लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद भी उन्हें रजिस्ट्रेशन नहीं मिला।
इससे सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। वहीं, इस मामले में रायपुर जिला NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी भी छात्रों के समर्थन में थाने पहुंचे।

छात्रों का दावा- हर छात्र से 6 लाख फीस ली गई : Rawatpura University fraud allegations
छात्रों के अनुसार, उनसे हर साल करीब 1.50 लाख रुपए फीस ली गई। 4 साल के कोर्स में हर छात्र ने करीब 6 लाख रुपए विश्वविद्यालय को दिए। उनका कहना है कि पढ़ाई के दौरान जब उन्होंने सिलेबस की मान्यता और रजिस्ट्रेशन को लेकर सवाल उठाए तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी होने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला।
नौकरी के लिए आवेदन में हो रही परेशानी
शिकायत में छात्रों ने कहा कि कोर्स पूरा करने के बाद जब सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन किया तो रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि इसी वजह से उनकी डिग्री को स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
काउंसिल की सूची में नाम नहीं : Rawatpura University fraud allegations
उनका यह भी आरोप है कि काउंसिल ने राज्य की केवल 14 कॉलेजों को नर्सिंग और उससे जुड़े कोर्स संचालित करने की मान्यता दी है। इन 14 कॉलेजों की सूची में रावतपुरा विश्वविद्यालय का नाम शामिल नहीं है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय में नर्सिंग से जुड़े कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
NSUI का दावा- 5 बैच पासआउट, छठा बैच भी प्रभावित
NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने दावा किया कि विश्वविद्यालय से बी-ऑप्टोमेट्री के 5 बैच पासआउट हो चुके हैं और छठा बैच भी कोर्स पूरा करने वाला है। उनका आरोप है कि अब तक किसी भी छात्र को पैरामेडिकल रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर विश्वविद्यालय के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती है तो NSUI स्वास्थ्य मंत्री के निवास का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेगी।
रजिस्ट्रार बोले- बाहर की घटना की जिम्मेदारी नहीं : Rawatpura University fraud allegations
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अमृतपाल राव ने कहा कि अगर कोई स्टूडेंट बाहर जाकर कुछ करता है तो उसका जवाब हम नहीं देंगे। वहीं, बी-ऑप्टोमेट्री का रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं ये सवाल सीधे पूछने पर उन्होंने कॉल काट कर दिया।


