सीजी भास्कर, 30 मई : छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में भीषण गर्मी के इस मौसम (CG Chemical Fruit Raid) के दौरान चंद रुपयों के लालच में मासूम नागरिकों की जिंदगी दांव पर लगाने वाले मुनाफाखोरों के खिलाफ एक बहुत बड़ा और आक्रामक प्रशासनिक धमाका हुआ है। आम जनता की थाली में फलों के नाम पर धीमा जहर (स्लो पॉइजन) परोसने वाले सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक गुप्त और बेहद संवेदनशील सर्जिकल स्ट्राइक की है।
तीन दिनों तक चले इस ताबड़तोड़ जांच अभियान ने पूरे जिले के फल बाजार और मिलावटखोरों के भीतर एक ऐसा खौफनाक सस्पेंस पैदा कर दिया है कि बड़े-बड़े जमाखोर अपनी दुकानें बंद करके भागने पर मजबूर हो गए। इस कड़े और समयबद्ध अभियान के बाद पूरे बस्तर और दुर्ग संभाग में (CG Chemical Fruit Raid) की गूंज सुनाई दे रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों की सेहत और जिंदगी की रक्षा से जुड़ा हुआ मामला है।
दरअसल, यह पूरी कार्रवाई केवल एक रूटीन चेकिंग नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल का वो कड़ा निर्देश था जिसके तहत उन्होंने साफ किया था कि मिलावटखोरी को छत्तीसगढ़ की धरती पर कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके मार्गदर्शन में अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे और खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे की स्पेशल टास्क फोर्स ने जिले की फल मंडियों, ठेलों और जूस सेंटरों पर अचानक धावा बोल दिया। छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में जब टीम पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। वहां धड़ल्ले से सड़े-गले फल बेचे जा रहे थे, जिन्हें टीम ने तुरंत मौके पर ही नष्ट कराया। इसके साथ ही, गंदगी के बीच संचालित हो रहे एक गन्ना जूस सेंटर को भी सील कर दिया गया। इस लचर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने अब कड़ा कदम (CG Chemical Fruit Raid) उठाया है, जिससे मिलावटखोरों की कमर टूट चुकी है।
गोदाम में चल रहा था मौत का खेल
इस पूरे तीन दिवसीय महा-अभियान का सबसे सनसनीखेज और बड़ा खुलासा गंडई तहसील के वार्ड नंबर 7 में स्थित एक रसूखदार फल भंडार में हुआ। विभाग को खुफिया सूचना मिली थी कि इस गोदाम के भीतर बिना किसी वैध खाद्य पंजीयन (Food License) के, बंद कमरों में इंसानी शरीर को खोखला करने वाले रसायनों के दम पर कच्चे फलों को रातों-रात पकाया जा रहा है। जब खाद्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ वहां अचानक दाखिल हुई, तो वहां चल रहा काला सच देखकर हर कोई दंग रह गया। गोदाम के भीतर से भारी मात्रा में ‘गोल्डन टच एथिलीन रिपनर’, ‘टैग पूरन 3G’ और ‘टैगपान लिक्विड’ जैसे प्रतिबंधित और जानलेवा केमिकल बरामद किए गए। इस मिलावटखोरी से न केवल कानून की धज्जियां उड़ीं, बल्कि जनता की सेहत को हुए नुकसान (CG Chemical Fruit Raid) की भयावह तस्वीर भी सामने आई।
अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्वच्छ और केमिकल युक्त माहौल में रखे गए करीब 60 कैरेट कच्चे और अधपके केलों को तत्काल प्रभाव से ज़ब्त कर लिया, जिनकी बाजार में अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये के आसपास बताई जा रही है। इन केलों और रसायनों के सैंपल लेकर तुरंत राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कृत्रिम तरीके से इन रसायनों द्वारा पकाए गए फल पेट की गंभीर बीमारियों, अल्सर और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का मुख्य कारण बनते हैं। मुनाफे की इस अंधी दौड़ में शामिल व्यापारियों की मानसिकता में बदलाव (CG Chemical Fruit Raid) लाने के लिए विभाग अब इन पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई करने का मन बना रहा है, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
बिना लाइसेंस दुकान चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा
गंडई और छुईखदान में हुई इस बड़ी छापेमारी के बाद जिला प्रशासन ने पूरे जिले के फल और सब्जी व्यापारियों के लिए एक बेहद कड़ा अल्टीमेटम जारी कर दिया है। खाद्य विभाग ने साफ किया है कि अब से कोई भी छोटा या बड़ा व्यापारी बिना वैध सरकारी खाद्य पंजीयन के फल और खाद्य सामग्रियों का भंडारण या विक्रय नहीं कर पाएगा। यदि कोई भी दुकानदार बिना लाइसेंस के पाया गया या उसके गोदाम से किसी भी प्रकार का संदिग्ध केमिकल बरामद हुआ, तो बिना किसी पैरवी या राजनीतिक दबाव के उसकी दुकान को हमेशा के लिए सील कर दिया जाएगा। यह सख्त फैसला अब खैरागढ़ का एक नया नियम (CG Chemical Fruit Raid) बन चुका है, जिसका पालन करना हर कारोबारी के लिए अनिवार्य है।
अब सबसे बड़ा सस्पेंस और प्रशासनिक चुनौती यह है कि क्या इस बड़ी छापेमारी के बाद उन बड़े थोक व्यापारियों और सप्लायरों पर भी गाज गिरेगी जो इन छोटे दुकानदारों को गुपचुप तरीके से इन प्रतिबंधित रसायनों की सप्लाई करते हैं? क्या ज़ब्त किए गए इन केलों के मालिकों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा या फिर वे मामूली जुर्माना देकर दोबारा जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने के लिए आजाद हो जाएंगे? बहरहाल, खाद्य विभाग के इस आक्रामक हंटर ने यह तो साफ कर दिया है कि खैरागढ़ जिले में अब जहर के सौदागरों की खैर नहीं है। आने वाले दिन इस पूरे मिलावटखोर सिंडिकेट के लिए बेहद भारी होने वाले हैं, जहां प्रशासन की इस सख्त चेकिंग की गति (CG Chemical Fruit Raid) आने वाले समय में जिले के हर एक ब्लॉक और कस्बे को पूरी तरह से स्वच्छ, सुरक्षित और मिलावटमुक्त बनाने की दिशा में काम करेगी।




