CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » सलाखों के पीछे गुजरे 24 दिन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – नागरिक अधिकारों से समझौता नहीं

सलाखों के पीछे गुजरे 24 दिन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – नागरिक अधिकारों से समझौता नहीं

By Newsdesk Admin
30/05/2026
Share

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (29 मई) को राजस्थान सरकार को एक दोषी कैदी को 11 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे अदालत के आदेश के बावजूद 24 दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था।

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता कोई मामूली विषय नहीं है। राज्य सरकार केवल इस कारण किसी व्यक्ति की आजादी को सीमित नहीं कर सकती कि उसके विभाग यह तय करने में समय लगा रहे हैं कि किसी मामले में अपील दायर करनी है या नहीं।

पीठ ने कहा, “अपीलकर्ता को 24 दिनों की अवैध हिरासत के लिए मुआवजा पाने का अधिकार है। किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को सरकारी प्रशासनिक निर्णयों से कमतर नहीं आंका जा सकता। यदि ऐसा किया जाता है तो यह संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा।”

यह मामला दौदयाल नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जिसे 1967 के एक आपराधिक मामले में चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2021 में राजस्थान हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

दिसंबर 2023 में दौदयाल ने स्थायी पैरोल के लिए आवेदन किया था, लेकिन जनवरी 2024 में यह कहते हुए उसका आवेदन खारिज कर दिया गया कि उसने राजस्थान पैरोल नियमों के तहत नियमित पैरोल के तीन चरण पूरे नहीं किए हैं।

इसके बाद दौदयाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 5 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उसकी याचिका स्वीकार करते हुए एक लाख रुपये के निजी मुचलके और 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें जमा कराने पर रिहा करने का आदेश दिया।

सभी शर्तें पूरी करने के बावजूद उसे रिहा नहीं किया गया। इसके बाद उसने बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका दायर की, जिस पर 6 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट में दौदयाल ने तर्क दिया कि रिहाई के आदेश और वास्तविक रिहाई के बीच का समय अवैध हिरासत था, जिसके लिए उसे मुआवजा मिलना चाहिए। उसने 8 लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि राज्य ने उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।

राज्य सरकार ने देरी का कारण प्रशासनिक और नौकरशाही प्रक्रियाओं को बताया। सरकार को यह तय करने में समय लगा कि आदेश के खिलाफ अपील की जाए या नहीं। हालांकि इस दौरान किसी भी उच्च अदालत से रिहाई के आदेश पर रोक नहीं ली गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की रिहाई का आदेश जारी होने के बाद उसका पालन किया जाना अनिवार्य है। केवल तभी रिहाई रोकी जा सकती है जब कोई उच्च अदालत उस आदेश पर स्थगन (स्टे) दे।

अदालत ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति दोषी ठहराया गया है, उसके संवैधानिक अधिकार कम नहीं हो जाते। राज्य का दायित्व है कि उसकी प्रशासनिक प्रक्रियाएं किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित न करें।”

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में रुदुल साह बनाम बिहार राज्य, भीम सिंह बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य और नीलबती बेहरा बनाम उड़ीसा राज्य जैसे ऐतिहासिक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुच्छेद 21 के उल्लंघन पर मौद्रिक मुआवजा एक मान्यता प्राप्त कानूनी उपाय है।

अंततः अदालत ने माना कि राज्य सरकार ने न्यायिक आदेश के बावजूद अपीलकर्ता को 24 अतिरिक्त दिनों तक हिरासत में रखा, जो उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को 11 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया।

Emergency Anniversary : आपातकाल की बरसी पर फिर छिड़ी बहस, प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र को लेकर कही बड़ी बात
Fish Politics in Bihar : मोदी बोले ‘बिहार अब मछली भेजता है’, राहुल ने तालाब में जाल डाल कहा– ‘हम रोकेंगे पलायन’
“जाएं तो जाएं कहां……” आंध्र व तेलंगाना में भारी बारिश, कई इलाके जलमग्न, अब तक 10 लोगों की मौत
Woman raped in Raigarh : घर में अकेला पाकर आरोपी ने वारदात को दिया अंजाम
मायावती ने भतीजे आकाश को फिर दी बड़ी जिम्मेदारी, चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया, चुनाव कैंपेन को करेंगे लीड
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Sevagram Assembly Row
Sevagram Assembly Row : सेवाग्राम पर विधानसभा में सियासी घमासान, अजय के बयान पर भड़के भूपेश 

सीजी भास्कर, 16 जुलाई : छत्तीसगढ़ विधानसभा के…

Chhattisgarh monsoon update
Chhattisgarh monsoon update : फिर सक्रिय हुआ मानसून, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

Chhattisgarh monsoon update

Ranbir Kapoor Eye Infection
Ranbir Kapoor Eye Infection : रामायण के भव्य ट्रेलर से पहले रणबीर कपूर की बढ़ी परेशानी, बेटी से फैला आंखों का संक्रमण

फिल्म रामायण का इंतजार कर रहे प्रशंसकों के…

Kieron Pollard
Kieron Pollard : कायरन पोलार्ड ने रचा नया इतिहास, अब टूट सकता है सबसे ज्यादा छक्कों का बड़ा रिकॉर्ड

टी20 क्रिकेट में एक और बड़ा कीर्तिमान दर्ज…

Retired Police Officer
Retired Police Officer : बिलासपुर में सेवानिवृत्त थाना प्रभारी ने उठाया आत्मघाती कदम, घर के भीतर मिला शव

सीजी भास्कर, 16 जुलाई। बिलासपुर के सरकंडा इलाके…

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?