सीजी भास्कर, 01 जून। रायपुर में सोमवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान अलग ही माहौल देखने (Organ Donation) को मिला। बालिका गृह की बेटियों के बीच पहुंचे राज्यपाल के विचारों को सुनने के लिए मौजूद लोगों में उत्साह नजर आया। कार्यक्रम स्थल पर शिक्षा, समाज सेवा और मानवता जैसे विषयों को लेकर लगातार चर्चा होती रही और उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों का सम्मान किए जाने से वातावरण भावुक भी दिखाई दिया। कई लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। वहीं बालिका गृह की बेटियों के साथ हुए आत्मीय संवाद ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।
बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा : Organ Donation
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने माना स्थित एसओएस बालिका गृह की बालिकाओं से संवाद करते हुए कहा कि वे देश और समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के बल पर जीवन की बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।
उन्होंने बेटियों से अपने सपनों को सीमित न रखने और लगातार सीखते रहने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की सोच ही सफलता का रास्ता तैयार करती है।
पुस्तकों से मिलता है जीवन का स्थायी मार्गदर्शन
संवाद के दौरान राज्यपाल ने पुस्तकों के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक और इंटरनेट के इस दौर में जानकारी तेजी से बदलती रहती है, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक मार्गदर्शन देता है।
उन्होंने बालिकाओं को नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह दी। साथ ही महान व्यक्तित्वों की जीवनियां पढ़ने पर जोर देते हुए कहा कि संघर्ष और सफलता की कहानियां व्यक्ति को कठिन समय में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं के प्रश्नों का जवाब भी दिया। उन्होंने बेटियों को स्टेशनरी सामग्री भेंट की। वहीं बालिकाओं ने भी अपने हाथों से तैयार किए गए उपहार देकर सम्मान प्रकट किया।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर जताई चिंता
राज्यपाल ने पर्यावरण और जल संकट के विषय को भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इस संतुलन को बनाए रखने में वृक्षों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह (Organ Donation) किया। जल संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज पानी का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में भूजल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।
अंगदान और देहदान को बताया मानवता की बड़ी सेवा
कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान और देहदान के महत्व पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अंगदान से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। वहीं चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्यों के लिए देहदान का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जो लोग इस दिशा में संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के लिए प्रेरणा का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को आगे आकर अन्य नागरिकों को भी जागरूक करना चाहिए ताकि मानवता की यह भावना और मजबूत हो सके।
75 नागरिकों और कलेक्टर का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित (Organ Donation) किया गया। इसके अलावा रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह को भी इस क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा दुबे, राजभवन के अधिकारी कर्मचारी, अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिक, बालिका गृह की छात्राएं तथा शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




