सीजी भास्कर, 17 जुलाई। बिलासपुर में गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब दो दशक बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। लगातार बारिश के कारण शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए हैं। सड़कों, कॉलोनियों और निचले क्षेत्रों में पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। (Bilaspur Heavy Rainfall)
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण पांच मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
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जलभराव की स्थिति लगातार गंभीर : Bilaspur Heavy Rainfall
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पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 74.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक 110.2 मिमी वर्षा सीपत क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
सरकंडा और चांटीडीह के निचले इलाकों में तेजी से पानी भरने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में दो नावों की मदद से लोगों को निकाला गया। वहीं दोमुहानी इलाके में 10 से अधिक घर चारों तरफ से पानी से घिर गए, जिससे कई परिवार पूरी रात घरों में फंसे रहे। सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी भारी असर
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बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर पानी में डूब जाने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।
भारी बारिश के कारण कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया। जल निकासी के लिए नगर निगम की टीम और मशीनों को लगाया गया, जो लगातार पानी निकालने का काम कर रही हैं।
बिलासपुर-जांजगीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्रीघाट के पास जलभराव होने से यातायात प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं अपोलो अस्पताल के पास भी सड़क पर पानी भरने से लोग घंटों तक फंसे रहे। बारिश थमने के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
लगातार बारिश को देखते हुए जिला अधिवक्ता संघ ने मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि खराब मौसम के कारण न्यायालय में अनुपस्थित रहने वाले पक्षकारों और अधिवक्ताओं के मामलों में प्रतिकूल आदेश पारित न किए जाएं। बताया जा रहा है कि इस अनुरोध पर सहमति जताई गई है।
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