सीजी भास्कर, 02 जून : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार 2026 (Sushasan Tihar Controversy) के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब मंदिर हसौद नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी की अधिकारियों के साथ तीखी बहस हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष शिविर में कथित अव्यवस्था और अधिकारियों के रवैये को लेकर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यक्रम (Sushasan Tihar Controversy) के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। नगर पालिका अध्यक्ष और अधिकारियों के बीच बहस बढ़ने के बाद उनके समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे शिविर में मौजूद लोगों का ध्यान कार्यक्रम से हटकर विवाद की ओर चला गया। हालांकि बाद में स्थिति को संभाल लिया गया और शिविर की गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं।
प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने का लगाया आरोप
मंदिर हसौद नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा था।
उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने जनता की समस्याओं को लेकर सवाल उठाए और अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया, तो उन्हें मंच से नीचे उतरने के लिए कहा गया। अध्यक्ष का आरोप है कि यह जनप्रतिनिधियों के सम्मान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है।
कलेक्टर से शिकायत करने की बात
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन और कलेक्टर से की जाएगी। उनका कहना है कि जनता की समस्याओं को उठाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और यदि इस दौरान उन्हें बोलने से रोका जाता है तो यह उचित नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस विवाद को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि शिविर में मौजूद अधिकारियों ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने का प्रयास किया।
शिविर में पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण
गौरतलब है कि सुशासन तिहार 2026 के तहत सोमवार को आरंग विकासखंड के मंदिर हसौद में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आम नागरिक अपनी समस्याओं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे थे।
शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। प्रशासन के अनुसार शिविर में कुल 381 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 आवेदनों का तत्काल समाधान किया गया।
राशन कार्ड से लेकर लाइसेंस तक का हुआ निराकरण
शिविर में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित कई मामलों का मौके पर निराकरण किया गया। इससे ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखने को मिला।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने 14 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। कृषि विभाग ने 3 किसानों को खाद और बीज वितरित किए। परिवहन विभाग ने 3 लोगों को लर्निंग लाइसेंस जारी किए, जबकि समाज कल्याण विभाग ने 22 पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया।
आवास की चाबी और उज्ज्वला कनेक्शन भी बांटे गए
खाद्य विभाग द्वारा 50 राशन कार्ड और 3 उज्ज्वला गैस कनेक्शन वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने 5 नए आयुष्मान कार्ड जारी किए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 12 हितग्राहियों को उनके नए आवास की चाबियां सौंपी गईं।
कार्यक्रम में एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम अभिलाषा पैकरा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पूजा पिल्ले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
हालांकि शिविर में हुए विवाद (Sushasan Tihar Controversy) ने सुशासन तिहार की व्यवस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है।




